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मध्य प्रदेश: अंधेरे में महाराजपुर एक हफ्ते से सैकड़ों घरों में बिजली गुल, बच्चों की पढ़ाई पर संकट
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: शहर के अंबेडकर नगर अंतर्गत आने वाले महाराजपुर (पन्नी मोहल्ला) में पिछले एक सप्ताह से बिजली की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है आलम यह है कि यहाँ के सैकड़ों परिवार सात दिनों से अंधेरे में
विस्तार
मध्य प्रदेश: शहर के अंबेडकर नगर अंतर्गत आने वाले महाराजपुर (पन्नी मोहल्ला) में पिछले एक सप्ताह से बिजली की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है आलम यह है कि यहाँ के सैकड़ों परिवार सात दिनों से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं बुनियादी सुविधाओं के अभाव में अब लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है, खासकर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही पोल और मीटर की मांग पर अड़ा प्रशासन स्थानीय निवासियों का कहना है कि बस्ती में विद्युत पोल (खंभे) न होने के कारण उनके घरों में मीटर नहीं लग पा रहे हैं बिजली विभाग द्वारा स्थायी समाधान के बजाय टाल-मटोल की जा रही थी, लेकिन अब मामला तूल पकड़ता देख विभाग हरकत में आया है सोमवार को कनिष्ठ अभियंता (JE) ने अपनी टीम के साथ बस्ती का निरीक्षण किया और वर्तमान स्थिति का जायजा लिया बच्चों के भविष्य पर मंडराते बादल अंधेरे के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है परीक्षा का समय नजदीक होने और घर में रोशनी न होने के कारण बच्चे रात में पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं मोहल्ले के लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि, "एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ शहर के बीचों-बीछ सैकड़ों परिवार एक हफ्ते से मोमबत्ती और ढिबरी के सहारे रात गुजार रहे हैं। पीड़ित आशा चौधरी ने बताया कि हम लगभग 200 से अधिक परिवार और उनके बच्चे विद्युत आपूर्ति नहीं होने से परेशान हैं। सुहागी स्थित अंबेडकर नगर (पन्नी मोहल्ला) के सेंकड़ों पीड़ितों ने आज अधीक्षण अभियंता को अपनी परेशानी बताई। बच्चों की शिक्षा रुकी है, परीक्षा तैयारी प्रभावित हो रही है बहुजन समाज पार्टी के नेतृत्व में मुख्य अभियंता कार्यालय मिशन कंपाउंड जबलपुर में विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया गया अधीक्षण अभियंता द्वारा तत्काल विद्युत विभाग के अधारताल कार्यालय के डी.इ को निर्देश देकर भेजा गया साथ ही तत्काल संज्ञान लेते हुए, शिविर आयोजित करने व मिनिमम दरों पर मीटर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। इस अवसर पर बसपा जिला अध्यक्ष लखन अहिरवार, आशा गोटिया, गेंदालाल अहिरवार, मंशाराम, हीरालाल चौधरी, दिनेश कुशवाहा, प्रकाश गौतेल, सुधा सिंह, विजय भौरेल, बलराम चौधरी, कन्हैया चौधरी, आशा चौधरी, रुक्मणी चौधरी, सरस्वती चौधरी, सतपाल सिंह, शिवप्रकाश चौधरी, लक्ष्मण चौधरी, बलराम चौधरी, सियाराम, रवि चौधरी, कुँवर लाल, मिलिंद लोखंड, ईशान इत्यादि बसपा कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में पीड़ित महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन कर कार्यालय के बाहर नारे लगाये।
राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक सुस्ती इस मामले को लेकर बसपा (BSP) जबलपुर की इकाई निरंतर सक्रिय है। पार्टी पदाधिकारियों द्वारा बिजली विभाग के मुख्य अभियंता और अन्य उच्चाधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। मांग की जा रही है कि विभाग केवल निरीक्षण तक सीमित न रहे, बल्कि तत्काल शिविर (Camp) लगाकर पोल गाड़ने और मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू करे बस्ती की मांग: "निरीक्षण नहीं, बिजली चाहिए निरीक्षण के दौरान JE महोदय को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना भी करना पड़ा।श निवासियों की स्पष्ट मांग है कि जब तक बिजली बहाल नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा अब देखना यह है कि विभाग कब तक कागजी कार्रवाई से निकलकर धरातल पर पोल लगाने का काम शुरू करता है
एक हफ्ते से अंधेरे में गरीब बस्ती के लोगों के साथ बसपा का अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन जबलपुर: बहुजन समाज पार्टी (BSP) के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय जबलपुर में बसपा जिला अध्यक्ष लखन अहिरवार के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन कर पिछले एक हफ्ते से अंधेरे में रहने वाले गरीब वंचितों के लोगों की समस्या रखी।