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उत्तर प्रदेश: 16 दिसंबर से शुरू होगा खरमास, 30 दिन तक मांगलिक कार्यों पर पूर्ण विराम
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: खरमास यानी मलमास 16 दिसंबर 2025 से शुरू होने जा रहा है. जिसमें 30 दिनों तक सभी मांगलिक कार्य रुक जाते हैं. इस दिन धनु संक्रांति है. इसका समापन 14 जनवरी 2026 को होगा.
विस्तार
उत्तर प्रदेश: खरमास यानी मलमास 16 दिसंबर 2025 से शुरू होने जा रहा है. जिसमें 30 दिनों तक सभी मांगलिक कार्य रुक जाते हैं. इस दिन धनु संक्रांति है. इसका समापन 14 जनवरी 2026 को होगा. धर्म लाभ कमाने के लिए खरमास का अपना अलग ही महत्व है. 16 दिसंबर से सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के साथ ही शुरुआत हो रही है. वैदिक ज्योतिष में इस पवित्र संगम और आध्यात्मिक साधना का महीना माना जाता है. धर्म ग्रंथो के अनुसार, जब सूर्य, गुरु की राशि में प्रवेश करता है तब वह पृथ्वी पर शुभ कार्यों की ऊर्जा धीमी हो जाती है. इसी के कारण इस समय को मांगलिक कार्यों के लिए निषेध माना गया है. खरमास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश मंडप, नामकरण, सगाई तथा भूमि क्रय- विक्रय जैसे धार्मिक एवं सामाजिक मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं. इस दौरान व्यक्ति को तापमान और जप पर विशेष ध्यान देना चाहिए. गीता पाठ शुरू, तुलसी उपासना। पूजा तथा ब्रह्म मुहूर्त में स्नान ध्यान को अत्यधिक महत्व खरमास में दे दिया जाता है. इस माह के दौरान गरीबों को दान, वस्त्र और तेल या गुड़ का दान करने से पापों का नाश और पूर्ण की वृद्धि भी होती है. खरमास के महीने को विश्राम और मनन का समय कहा गया है. जिससे प्रकृति ऊर्जा में भी मंदता आती है. इसी कारण ऋषि मुनियों ने इसे साधना व आंतरिक उन्नति से जोड़कर बताया है. यह महीना 16 जनवरी 2026 तक चलेगा. इसके बाद शुभ मुहूर्त आरंभ हो जाएंगे और मांगलिक पारिवारिक कार्यक्रमों की रौनक लौटने लगेगी।