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छत्तीसगढ़: सेन समाज के वरिष्ठ रिखी राम सेन ने निधन के बाद भी निभाया समाजसेवा का संकल्प, देहदान कर बने प्रेरणा
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संक्षेप
छत्तीसगढ़: धमतरी में सेन समाज के वरिष्ठ सदस्य और समाजसेवी रिखी राम सेन, निवासी ग्राम अछोटा, जिला धमतरी, का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
विस्तार
छत्तीसगढ़: धमतरी में सेन समाज के वरिष्ठ सदस्य और समाजसेवी रिखी राम सेन, निवासी ग्राम अछोटा, जिला धमतरी, का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने जीवनभर समाजसेवा और सामाजिक एकता के लिए कार्य किया। दुनिया से विदा होने से पहले उन्होंने ऐसा संकल्प लिया, जिसे उनके निधन के बाद उनके परिजनों ने पूरा कर उन्हें समाजसेवा की एक अनूठी मिसाल बना दिया। रिखी राम सेन ने वर्ष 2019 में देहदान करने की घोषणा की थी। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए सभी आवश्यक शासकीय औपचारिकताएं पूरी कीं और उनके पार्थिव शरीर को मानव हित एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर को देहदान के लिए सौंप दिया। उनके देहदान की खबर सामने आने के बाद सेन समाज और ग्राम अछोटा में शोक के साथ-साथ गर्व की भावना भी देखने को मिली। समाजजनों ने कहा कि रिखी राम सेन का देहदान सेन समाज के लिए सम्मान और गौरव का विषय है। उनका यह कदम आने वाली पीढ़ियों को समाजसेवा और मानव कल्याण के लिए प्रेरित करता रहेगा। अंतिम दर्शन के लिए उमड़े समाजजन रिखी राम सेन के निधन की खबर मिलते ही उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए समाजजनों, रिश्तेदारों और परिचितों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके सामाजिक योगदान को याद किया। अंतिम दर्शन के बाद परिजनों ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए उनकी पूर्व इच्छा के अनुरूप पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज रायपुर को सौंप दिया। सामाजिक एकता और सेवा में सक्रिय रहे रिखी राम सेन सेन समाज के विभिन्न पदों पर रहते हुए लंबे समय तक सामाजिक एकता, समाजहित और सेवा कार्यों में सक्रिय रहे। उनके देहदान के संकल्प को लेकर पूर्व में सर्व सेन समाज एवं सेन समाज जिला धमतरी की ओर से सार्वजनिक मंच पर उनका सम्मान भी किया गया था। समाजजनों ने कहा कि उनका जीवन समाज के लिए समर्पित रहा और देहदान का निर्णय उनके सेवाभाव की अंतिम कड़ी है। चिकित्सा महाविद्यालय में उनका शरीर मेडिकल विद्यार्थियों की शिक्षा और मानव शरीर के अध्ययन में उपयोगी होगा। उनके देहदान को ग्राम अछोटा और धमतरी जिले के लिए एक प्रेरणादायी और ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। सेन समाज सहित क्षेत्रवासियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका शरीर अब भी मानव सेवा में योगदान देता रहेगा।
