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Captain Geetika Kaul: सियाचिन में तैनात हुई इंडियन आर्मी की पहली मेडिकल ऑफिसर कैप्टन गीतिका कौल

 सियाचिन में तैनात हुई इंडियन आर्मी की पहली मेडिकल ऑफिसर कैप

सियाचिन में तैनात हुई इंडियन आर्मी की पहली मेडिकल ऑफिसर कैप्टन गीतिका कौल - Photo by : NCR Samachar

नई दिल्ली  Published by: Md Hasan Raza , Date: 05/12/2023 04:08:48 pm Share:
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  • 05/12/2023 04:08:48 pm
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संक्षेप

Indian Army: स्नो लेपर्ड ब्रिगेड की कैप्टेन गीतिका कौल सियाचिन में तैनात होने वाली इंडियन आर्मी की पहली महिला मेडिकल ऑफिसर बन चुकी है। उन्होंने सियाचिन बैटल स्कूल में अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली है। सियाचिन विश्व का सबसे ऊँचा रण भूमि हैं।   

विस्तार

Indian Army: स्नो लेपर्ड ब्रिगेड की कैप्टेन गीतिका कौल सियाचिन में तैनात होने वाली इंडियन आर्मी की पहली महिला मेडिकल ऑफिसर बन चुकी है। उन्होंने सियाचिन बैटल स्कूल में अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली है। सियाचिन विश्व का सबसे ऊँचा रण भूमि हैं।   

कैप्टेन गीतिका ने अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है। इसके साथ उन्होंने इंडियन आर्मी का भी आभार जताया है, जिसने उन्हें देश सेवा के लिए चुना और इस ऐतिहासिक पल का गावह बनाया। कैप्टेन दीपिका कौल ने कहा कि, वे देश के लिए अपना हर कर्तव्य निभाएंगी और अपनी जान दावं पर लगा कर भी उसकी हिफ़ाज़त करेगी। इंडियन आर्मी की फायर एंड फ्यूरी कोर सोशल मीडिया पर एक फोटो साझा कर इसके बारे में जानकारी दी। 

बहुत कठिन है सियाचिन का क्षेत्र 


भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर ने उनकी फोटो साझा करते हुए बताया कि, उनका महत्वपूर्ण समर्पण, सक्षमता और बाधाओं को तोड़कर देश की सेवा में बुलंदी हासिल करने के जज़्बा दूसरे को प्रेरणा देगा। आपको बता दें कि, इंडियन आर्मी की सियाचिन बैटल में ट्रेनिंग काफी मुश्किल माना जाता है। जिसे शारीरिक और मानसिक सहनशक्ति की एक कठिन परीक्षा समझा जाता है। इसमें उच्च ऊंचाई अनुकूलन, आस्तित्व तकनीक और कठोर परिस्तिथियों में संचालन के लिए महत्वपूर्ण विशेष चिकित्सा प्रक्रियाओं को सम्मिलित किया जाता है। 

भारत और पाक के लिए है महत्वपूर्ण सियाचिन 


सियाचिन को विश्व का सबसे ऊँचा रण भूमि माना जाता है। जो भारत और उसके पड़ोसी देश पाक के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जिसका विस्तार हिमालय की काराकोरम रेंज के पूर्वी भाग में समुंद्र तल से लगभग 5753 मीटर यानी 20 हज़ार फीट की ऊंचाई तक है। इस जंग के मैदान से भारतीय सेना के जवान लेह, लद्दाख  और चीन पर पैनी नज़र बनाये रखा जा सकता है। बता दें कि सियाचिन में हमेशा लगभग 10 हज़ार जवान तैनात रहते हैं। यहां का पारा हमेशा ही माइनस में होता है इंडियन आर्मी ने वर्ष 1984 में सियाचिन को अपना मिलिट्री बेस कैंप बनाया था इस इलाके में तैनात जवनों पर हर वर्ष करोड़ों रूपए का खर्च आता है। जहां इंडिया आर्मी के जवान बर्फ में चलकर दुश्मनों से देश की सरहदों को सुरक्षित रखते हैं। 


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