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दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा ग्रामीण बच्चों के बहुआयामी व्यक्तित्व विकास के लिए बाल शिविरों का आयोजन
 

बहुआयामी व्यक्तित्व विकास के लिए बाल शिविरों का आयोजन - Photo by : NCR Samachar

मध्य प्रदेश  Published by: admin , Date: 22/11/2022 05:52:09 pm Share:
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  • 22/11/2022 05:52:09 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश चित्रकूट 22 नवम्बर 2022 को बढ़े चलो तुम, बह़े चलो तुम, मंजिल दूर नहीं साथी ऐसा भाव दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट द्वारा तैयार किये गये बाल मित्र विस्तारकों द्वारा आयोजित

विस्तार

बीरेंद्र सिंह / एनसीआर समाचार 

मध्य प्रदेश चित्रकूट 22 नवम्बर 2022 को बढ़े चलो तुम, बह़े चलो तुम, मंजिल दूर नहीं साथी ऐसा भाव दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट द्वारा तैयार किये गये बाल मित्र विस्तारकों द्वारा आयोजित गांव-गांव चल रहे बाल शिविरों में दिखाई देने लगा है। दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा प्रशिक्षित बाल मित्र विस्तारकों द्वारा ग्राम स्तर पर बाल शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 

12 नवम्बर से प्रारम्भ हुए इन बाल शिविरों में बाल विस्तारकों द्वारा गांव के सभी बच्चों को कुछ न कुछ डम्बल, लेजिम, ताइक्वाइंडो, गीत, पी.टी. इत्यादि आये तथा बालकों के अन्दर छिपी प्रतिभा का आंकलन कर उसका समुचित विकास करना व इन प्रशिक्षित बालकों के द्वारा अल्प अवधि में ग्राम में रहकर ग्रामीण क्षमताओं का विकास करना जिससे ग्राम के पर्वों, श्रद्धा केन्द्रों व अपने बुजुर्गों के प्रति आदर की भावना का विकास हो सके। 

चित्रकूट क्षेत्र के 14 संकुल केन्द्रों पर लगाये जा रहे बाल शिविर

चित्रकूट क्षेत्र के 14 संकुल केन्द्रों पर बाल शिविर लगाये जा रहे है। जिनका समापन भी क्रमशः गांव में किया जा रहा है। चितहरा केंद्र पर सतना कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा और संगठन सचिव दीनदयाल शोध संस्थान श्री अभय महाजन का प्रवास हुआ। डीआरआई के कोषाध्यक्ष श्री वसंत पंडित सभी केन्द्रों पर शिविर में प्रमुख रुप से उपस्थित हो रहे है, उन्होंने इस प्रयास की प्रशंसा भी की। 

दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि बालकों के अन्दर छिपी प्रतिभा का आंकलन कर उसका समुचित विकास करना ही शिविर का उद्देश्य है बाल शिविर में जो बच्चे सीख रहे हैं उनसे उन्हें एक जीवन दिशा मिल रही है। बच्चे अपना जीवन न भटकायें और यहां जो शारीरिक, बौद्धिक के माध्यम से जो बातें सीख रहे हैं। उसे स्वयं करते रहना तथा अपने-अपने स्कूलों में बच्चों को सिखाना है। 

स्वावलंबन अभियान के प्रभारी डाॅ अशोक पांडे ने बताया कि दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा प्रत्येक विद्यार्थी के अन्दर व्यक्तित्व विकास के साथ समाज मूलक बातों की जागरूकता हेतु समाजशिल्पी दम्पति व सहयोगी कार्यकर्ताओं के माध्यम से संकुल केन्द्रों पर यह बाल शिविर के आयोजन क्रमशः सम्पन्न किये जा रहे है। 

इन शिविरों में 512 आबादियों के 5000 बालक-बालिकाएं प्राप्त करेंगे प्रशिक्षण

दीनदयाल शोध संस्थान के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री राजेन्द्र सिंह ने बताया कि गांव गांव में संस्कार क्षम गतिविधियों के माध्यम से ग्राम वासियों के सामूहिक प्रयासों से बाल शिविर संपन्न हो रहे हैं। क्रमशः सम्पन्न हो रहे इन तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में 10 से 14 वर्ष के बालक बालिकाएं प्रशिक्षण ले रहे हैं। ऐसे 14 संकुल केंद्र पर शिविर आयोजित हो रहे हैं, जिससे 512 ग्राम आबादियों के बच्चे प्रशिक्षण ले रहे हैं। दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट के कार्यकर्ता, सहयोगी कार्यकर्ता और विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयत्न से यह कार्यक्रम सम्पन्न हो रहा है। नवंबर और दिसंबर माह में चलने वाले इस शिविर में 5000 बालक-बालिकाएं प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। 

समाज शिल्पी दंपत्ति प्रकल्प के प्रभारी श्री हरीराम सोनी ने कहा कि बाल शिविर का आयोजन चितहरा, बरहा भटिया, अर्जुनपुर (मझगवां) और भुजौली, बैहार और गनीवां (चित्रकूट) में संपन्न हो गया है, जिसमें ४१५ बालक बालिकाएं उपस्थित रहे हैं। इस शिविर में शिक्षा, स्वास्थ्य, कला एवं विज्ञान के विषयों को भी शामिल किया गया है जिस पर विशेषज्ञों को बुलाकर इन विषयों पर जानकारी दी जा रही है। 

जीवन में नशा न करने की सामूहिक शपथ भी ले रहे बच्चे

इस आयोजन में बाल विस्तारकों द्वारा ग्रामों में अलग-अलग आयोजित इस बाल शिविर में दीवाल लेखन, जिसमें जागरूकता हेतु बोघ वाक्य, स्वच्छता, तुलसी पौधा, गीत अभ्यास, योग, प्राणायाम, खेल, व्यायाम, पीटी, पिरामिड, नियुद्ध, डम्बल, प्रभातफेरी निकालना आदि गतिविधियां छोटे-छोटे भैया लोगों द्वारा तीन दिन तक गांव मे ही रहकर प्रातः स्मरण से लेकर रात्रिकालीन तक सुचारू सम्पन्न कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत बच्चों ने अपने जीवन में नशा न करने की सामूहिक शपथ भी ली। सभी विद्यालयों के शिक्षकों ने अपने अपने विद्यालयों को तंबाकू मुक्त परिसर बनाने का निश्चय किया।