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गुजरात: आईमाताजी के जयकारों से गूंजा डायलाना कला, सिरवी समाज की ‘गैर’ बनी आकर्षण का केंद्र

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गुजरात  Published by: Gheesaram Fuaji Choudhary , Date: 20/03/2026 02:08:08 pm Share:
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  • Published by: Gheesaram Fuaji Choudhary ,
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  • 20/03/2026 02:08:08 pm
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संक्षेप

गुजरात: चैत्र माह की पावन द्वितया (बीज) के अवसर पर आज देसूरी तहसील के डायलाना कला ग्राम में जीजीवद आईमाताजी का मेला अभूतपूर्व उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। आस्था के इस महाकुंभ में भक्ति का ऐसा ज्वार उमड़ा कि

विस्तार

गुजरात: चैत्र माह की पावन द्वितया (बीज) के अवसर पर आज देसूरी तहसील के डायलाना कला ग्राम में जीजीवद आईमाताजी का मेला अभूतपूर्व उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। आस्था के इस महाकुंभ में भक्ति का ऐसा ज्वार उमड़ा कि सुबह से ही मंदिर मार्ग श्रद्धालुओं से अटे पड़े नजर आए घीसाराम चौधरी ने बताया कि 
सरपंच राजाराम जी सिरवी ने बढ़ाया उत्साह ग्राम पंचायत डायलाना के सरपंच राजाराम जी सिरवी ने मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बताया कि इस वर्ष मेले में सिरवी समाज की 'गैर' ने विशेष पारंपरिक वेशभूषा में सजे गैरियों ने एक से बढ़कर एक प्रदर्शन किया, जो मेले में आए लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। 


मेले की प्रमुख विशेषताएं भक्तिमय माहौल अलसुबह माताजी का विशेष श्रृंगार कर महाआरती की गई। भक्तों ने लंबी कतारों में लगकर आईमाता के दर्शन किए और परिवार की खुशहाली की कामना की सिरवी नवयुवक मंडल का सेवा भाव मेले की व्यवस्था को सुचारू बनाने में सिरवी नवयुवक मंडल, डायलाना कला का अहम योगदान रहा। मंडल के सदस्यों ने तपती धूप में श्रद्धालुओं के लिए पानी की व्यवस्था और गाड़ियों के लिए पार्किंग व्यवस्था को बखूबी संभाला। मंडल का यह सहयोग हर वर्ष मेले की सफलता का मुख्य आधार रहता है।सांस्कृतिक छटा: स्थानीय भजन कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को धर्ममय बनाए रखा। वहीं, मेले के बाजार में बच्चों और महिलाओं ने जमकर खरीदारी की और झूलों का आनंद लिया प्रशासनिक तालमेल और सुरक्षा मेले के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवकों ने मुस्तैदी दिखाई। आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक इस मेले ने एक बार फिर क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति की झलक पेश की घीसाराम चौधरी डायलाना कला देसूरी।