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जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत स्वरूप माथुर पर गंभीर आरोप 
 

अधिकारी हेमंत स्वरूप माथुर पर गंभीर आरोप  - Photo by : NCR Samachar

राजस्थान अजमेर  Published by: admin , Date: 30/11/2022 11:56:39 am Share:
  • राजस्थान अजमेर
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  • 30/11/2022 11:56:39 am
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संक्षेप

राजस्थान अजमेर जिले की पंचायत समिति सरवाड़ के पूर्व सदस्य एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शक्ति प्रताप सिंह राठौड ने जिला परिषद अजमेर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत स्वरूप माथुर पर आरोप लगाया है

विस्तार

राजस्थान अजमेर जिले की पंचायत समिति सरवाड़ के पूर्व सदस्य एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शक्ति प्रताप सिंह राठौड ने जिला परिषद अजमेर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत स्वरूप माथुर पर आरोप लगाया है कि वह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं। राठौड़ ने प्रेस वक्तव्य जारी कर बताया कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी माथुर की हठधर्मिता के कारण जिले में विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं और वह निजी स्वार्थ में लिप्त हैं।  

मुख्य कार्यकारी अधिकारी माथुर जिले में विकास कार्यों को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। लगभग जिले में 3000 विकास कार्यों की स्वीकृति लंबित है जो कि राजस्थान में सबसे ज्यादा है अन्य किसी भी जिले की विकास कार्य इतने लंबित नही है।
कांग्रेसी नेता राठौड़ ने आरोप लगाया कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी माथुर की हठधर्मिता के कारण अजमेर राजस्थान में विकास रैंकिंग में अंतिम पांच पर चला गया है। जबकि पूर्व में रैंकिंग में प्रथम 10 में आता था। 

उन्होंने बताया कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी माथुर सरपंचों, विकास अधिकारियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाकर जांच के नाम पर डरा एवं धमका रहे हैं। पंचायत समिति स्तर पर 10 लाख तक के विकास कार्य कन्वर्जेंस से एवम पंचायत स्तर से 5 लाख तक के विकास कार्यों की स्वीकृति निकलने का विधिक अधिकार प्राप्त है परंतु अपने निजी स्वार्थ के चलते कंवर्जेंस की स्वीकृति निकलने पर इन्होंने अघोषित रोक लगा रखी है। साथ ही पूर्व में हुए ऐसे कार्यों की जांच करने की धमकियां देते है इससे इनकी मंशा साफ प्रतीत नही होती है।

साथ ही यह भी उल्लेखनीय है की ऐसे स्वीकृति से हुए कार्यों का जिले में उद्घाटन भी करते है और कार्य करने भी नही देते है।
उन्होंने बताया कि गत वर्षों मे कराए गए विकास कार्यों की जांच के नाम पर जनप्रतिनिधियों पर दबाव बना रहे है। राठौड़ ने बताया कि जिला परिषद अजमेर में पिछले 5 माह से जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट, नरेगा लेखा सहायक एवं स्वच्छ भारत मिशन के कर्मचारियों को भुगतान नहीं किया गया है। साथ ही आदेश भी निकाला है की यह सब बिना मानदेय के कार्य करेंगे। ऐसी तानाशाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नही की जाएगी।

उन्होंने  मुख्य कार्यकारी अधिकारी माथुर पर आरोप लगाया कि जिला परिषद अजमेर में विकास कार्यों की स्वीकृतिओ को रोक रखा है एवं पंचायतों के मैटेरियल के भुगतान पेंडिंग हैं। जिला कार्यकारी अधिकारी माथुर के कार्यकाल में नरेगा श्रमिकों की संख्या में भी कमी हुई है। उन्होंने बताया कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी माथुर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए सेवा नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं एवं राजनीतिक कार्यक्रमों में माला एवं साफा पहनने में व्यस्त हैं। कांग्रेसी नेता राठौड़ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर जिला परिषद अजमेर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत स्वरूप माथुर के कार्यकाल की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

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