Contact for Advertisement 9650503773


हरियाणा: पलवल को एनसीआर से बाहर करने की मांग तेज, भाकियू टिकैत ने केंद्र सरकार के नाम सौंपा ज्ञापन

- Photo by : social media

हरियाणा  Published by: Nikhil , हरियाणा  Edited By: Kunal, Date: 16/06/2026 03:44:26 pm Share:
  • हरियाणा
  • Published by.: Nikhil ,
  • Edited By.: Kunal,
  • Date:
  • 16/06/2026 03:44:26 pm
Share:

संक्षेप

हरियाणा: पलवल भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सोमवार को पलवल जिले को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से बाहर करने की मांग को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट (सीटीएम) प्रीति रावत को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत के नेतृत्व में केंद्र सरकार के नाम दिया गया।

विस्तार

हरियाणा: पलवल भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सोमवार को पलवल जिले को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से बाहर करने की मांग को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट (सीटीएम) प्रीति रावत को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत के नेतृत्व में केंद्र सरकार के नाम दिया गया। रतन सिंह सौरोत ने कहा कि पलवल को एनसीआर में शामिल किए जाने से क्षेत्र के किसानों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिलीं, बल्कि एनजीटी और एनसीआर के कड़े नियमों के कारण किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी से जुड़े कई कार्य नियमों की वजह से प्रभावित हो रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भी अपने गृह जिलों करनाल और पानीपत को एनसीआर से बाहर करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। यदि एनसीआर में शामिल रहने से लाभ होता, तो ऐसी मांग नहीं उठाई जाती। सौरोत ने बताया कि एनसीआर के दायरे को लेकर 16 जून को दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक प्रस्तावित है। यूनियन की मांग है कि पलवल जिले को तत्काल एनसीआर क्षेत्र से बाहर किया जाए और एनसीआर का दायरा सीमित कर 50 किलोमीटर तक रखा जाए। जिला अध्यक्ष समंदर सिंह चौहान ने बताया कि इस संबंध में पहले भी जिला उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से ज्ञापन दिया जा चुका है। साथ ही क्षेत्र के सांसदों और विधायकों से भी समर्थन मांगा जाएगा ताकि किसानों की आवाज सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। भाकियू नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो जिले के किसानों को संगठित कर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर ज्ञान सिंह चौहान, होशियार सिंह, रामबीर गहलाब, अशोक कुमार, रामदयाल डागर, प्रभु सौरोत, डालचंद रायदासका, सुमरे गहलाब, तेजपाल रावत, राजू मिंडकौला, भागीरथ सहित अनेक किसान मौजूद रहे।


Featured News