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उत्तर प्रदेश: आयुष्मान मरीज से 22,773 रुपये की हुई वसूली, अस्पताल को 3 दिन में रिफंड का मिला आदेश
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: बरेली आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज के दावों के बीच बरेली के पीलीभीत बाईपास रोड स्थित देव प्राइमस मल्टी सुपर स्पेशियल्टी हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप सामने आए हैं।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: बरेली आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज के दावों के बीच बरेली के पीलीभीत बाईपास रोड स्थित देव प्राइमस मल्टी सुपर स्पेशियल्टी हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि अस्पताल ने आयुष्मान कार्डधारी गरीब मरीज नन्ही देवी से इलाज के नाम पर 22,773 रुपये की नगद वसूली कर ली। मामले का खुलासा IGRS पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद हुई जांच में हुआ। शिकायतकर्ता भगवत सरन, निवासी ग्राम संडा थाना न्यूरिया (पीलीभीत) ने संदर्भ संख्या 40015026025305 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि नन्ही देवी को 15 मई 2026 को देव प्राइमस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल द्वारा उनसे अलग-अलग मदों में नगद भुगतान लिया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार, भर्ती के समय परिजनों से यह लिखवाया गया कि उनके पास आयुष्मान कार्ड उपलब्ध नहीं है। हालांकि बाद में कार्ड प्रस्तुत किए जाने पर मरीज को योजना में शामिल किया गया, लेकिन इसके बावजूद विभिन्न मदों में कुल 22,773 रुपये की वसूली की गई। इनमें मेडिकल स्टोर और अन्य सेवाओं के नाम पर कई भुगतान शामिल पाए गए। वहीं शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने ‘हरपाल’ नामक व्यक्ति को 7,570 रुपये और 10,000 रुपये ऑनलाइन माध्यम से भुगतान किया, जबकि अस्पताल प्रशासन ने ऐसे किसी कर्मचारी की मौजूदगी से इनकार किया है। अस्पताल प्रबंधन ने अपने जवाब में कहा कि भर्ती के समय कार्ड उपलब्ध नहीं था, लेकिन बाद में कार्ड मिलने पर निःशुल्क इलाज किया गया। प्रबंधन ने किसी भी प्रकार की नगद वसूली से इनकार करते हुए कहा कि यदि मरीज द्वारा भुगतान किया गया है तो उसे वापस करने को तैयार हैं। जांच के बाद अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं आयुष्मान भारत नोडल अधिकारी ने अस्पताल को सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि शिकायतकर्ता से समन्वय कर तीन दिनों के भीतर पूरी राशि 22,773 रुपये वापस की जाए तथा इसकी पुष्टि प्रमाण सहित कार्यालय में प्रस्तुत की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में ऐसी किसी भी प्रकार की अनियमितता या पुनरावृत्ति पाई जाती है तो अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है। इस घटना के बाद जिले में आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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