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उत्तर प्रदेश: अकालतख्त एक्सप्रेस में जीआरपी-आरपीएफ ने पकड़ा 1.75 करोड़ रुपये का हवाला जखीरा, दो चचेरे भाई गिरफ्तार

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उत्तर प्रदेश  Published by: Pawan Tiwari , Date: 02/03/2026 03:10:23 pm Share:
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  • 02/03/2026 03:10:23 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश:  चंदौली जिले में स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय स्टेशन) पर शनिवार को रेल पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने अकालतख्त

विस्तार

उत्तर प्रदेश:  चंदौली जिले में स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय स्टेशन) पर शनिवार को रेल पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने अकालतख्त एक्सप्रेस में छापेमारी कर नोटों का जखीरा पकड़ा। दो बैगों में ठूंस-ठूंस कर भरी गईं पांच-पांच सौ की 350 गड्डियां बरामद कीं। गिनती में 1.75 करोड़ रुपये थे। नोटों के साथ दो चचेरे भाइयों को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला हवाला कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है। दोनों युवक नोटों को लेकर लखनऊ से कोलकाता जा रहे थे। सीओ जीआरपी कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि शनिवार भोर करीब तीन बजे प्लेटफार्म संख्या एक पर डाउन अकालतख्त एक्सप्रेस (12318) आकर रुकी। जंक्शन पर सुरक्षा के मद्देनजर नियमित चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान कोच संख्या ए-1 (AC First Class) की तलाशी ली गई, तो दो युवक बड़े और भारी-भरकम बैग के साथ संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही दोनों घबराने लगे, जिससे सुरक्षाकर्मियों का संदेह गहरा गया। जब पुलिस ने उन भारी बैगों की तलाशी 

ली तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। बैग के भीतर पांच-पांच सौ रुपये के नोटों की गड्डियों का जखीरा दिखाई दिया। पुलिस दोनों युवकों को बैग समेत तुरंत जीआरपी थाने ले आई, जहां नोटों की गिनती शुरू हुई। मशीनों के जरिए हुई गिनती में कुल 1 करोड़ 75 लाख रुपये बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, बैग में 500-500 के नोटों की 350 से ज्यादा गड्डियां थीं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान लखनऊ के ठाकुरगंज  निवासी रितेश पटेल और गुजरात के आणंद जिले के प्रिग्नेश के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि दोनों चचेरे भाई हैं और स्वयं को हीरा कारोबारी बता रहे हैं। वे यह बड़ी रकम लखनऊ से कोलकाता के किसी व्यापारी को सौंपने जा रहे थे। हालांकि, आरोपियों के पास इस मोटी रकम से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या बैंक रसीद मौजूद नहीं थी।