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उत्तराखंड: सकल हिन्दू समाज की एकजुटता से गंगोलीहाट में विराट सम्मेलन, RSS शताब्दी वर्ष में रचा इतिहास

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उत्तराखंड  Published by: Likhit Pant , Date: 09/02/2026 05:12:23 pm Share:
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  • 09/02/2026 05:12:23 pm
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संक्षेप

उत्तराखंड: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के गौरवशाली शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को गंगोलीहाट का जीआईसी मैदान एक नए इतिहास का साक्षी बना। समस्त सकल हिन्दू समाज की अभूतपूर्व एकजुटता और

विस्तार

उत्तराखंड: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के गौरवशाली शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को गंगोलीहाट का जीआईसी मैदान एक नए इतिहास का साक्षी बना। समस्त सकल हिन्दू समाज की अभूतपूर्व एकजुटता और सक्रिय सहभागिता के कारण यह आयोजन न केवल संख्या बल में विशाल रहा, बल्कि अपनी व्यवस्था और दिव्य संदेश में भी "अति-भव्य एवं अलौकिक" सिद्ध हुआ। राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना के इस समागम ने पूरे गंगोलीहाट को भगवामय कर दिया  दिव्य कलश यात्रा: आस्था का सागर सम्मेलन का शुभारंभ लो0नि0वि0 विश्राम गृह से जीआईसी मैदान तक निकली एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। पारंपरिक पहाड़ी परिधानों में सजी सैकड़ों महिलाओं ने जब सिर पर मंगल कलश धारण कर नगर भ्रमण किया, तो पूरा वातावरण धर्ममय हो गया। सकल हिन्दू समाज की इस यात्रा की दिव्यता और अनुशासन की नगरवासियों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

वैचारिक उद्बोधन: पंच परिवर्तन और राष्ट्र प्रथम का संकल्प मुख्य वक्ता स्वामी वामदेव जी महाराज एवं विभाग प्रचारक (पिथौरागढ़) वतन जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में संघ के 100 वर्षों के सेवा पथ और स्वतंत्रता संग्राम में स्वयंसेवकों के संघर्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज से संघ के 'पंच परिवर्तन' (सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवन शैली और नागरिक कर्तव्य) को आत्मसात करने का आह्वान किया। महिला वक्ता श्रीमती कविता उप्रेती ने मातृशक्ति को जागृत करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में नारी का स्थान सदैव पूजनीय रहा है। उन्होंने देवों से पूर्व देवी का नाम लिए जाने (सीता-राम, राधा-कृष्ण) को नारी शक्ति के सर्वोच्च स्थान का प्रतीक बताया और संस्कृति रक्षा हेतु मातृशक्ति का आह्वान किया।  संघर्षशील नायकों और प्रतिभाओं का वंदन आयोजन के दौरान राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित विभूतियों का सम्मान किया गया। राज्य आंदोलनकारियों, कार सेवकों और स्वावलंबी व्यवसायियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। 

स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर भारतीय गौरव की गाथा को जीवंत कर दिया  कुशल मंच संचालन एवं संगठनात्मक नेतृत्व
पूरे भव्य कार्यक्रम को अपनी ओजस्वी वाणी से तिलक राज पाठक जी ने कुशल मंच संचालन के माध्यम से सूत्रबद्ध किया। कार्यक्रम की सफलता में संघ की खण्ड टोली का विशेष मार्गदर्शन रहाप्रताप  — खण्ड संघचाल दीपक भण्डारी  — खण्ड कार्यवाह
बहादुर — शारीरिक प्रमुख चन्द्र भण्डारी— बौद्धिक प्रमुखलिखित पंत — महाविद्यालयीन विद्यार्थी प्रमुख विशिष्ट उपस्थिति: इस गरिमामयी अवसर पर विधायक फकीर राम टम्टा, ब्लॉक प्रमुख विनोद प्रसाद, पालिका अध्यक्ष विमल रावल, पूर्व विधायक श्रीमती मीना गंगोला, संयोजक हरीश दुर्गापाल, दर्पण कुमार, दान सिंह मेहरा और नीरज पंत सहित हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: गंगोलीहाट का यह सम्मेलन इस सत्य का उद्घोष है कि जब समस्त सकल हिन्दू समाज एक सूत्र में पिरोता है, तो वह शक्ति भव्य, दिव्य और अविस्मरणीय बन जाती है।