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Jaipur Security Lapse: आतंकी घुसपैठ का हुआ पर्दाफाश, सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए गए गंभीर सवाल

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शुभि शिखा नयाल राजस्थान   Published by: , शुभि शिखा नयाल राजस्थान   Edited By: Kunal, Date: 22/04/2026 11:21:40 am Share:
  • शुभि शिखा नयाल राजस्थान
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  • Edited By.: Kunal,
  • Date:
  • 22/04/2026 11:21:40 am
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संक्षेप

राजस्थान: यह शहर पहले भी आतंकी घटनाओं का सामना कर चुका है।

विस्तार

राजस्थान: यह शहर पहले भी आतंकी घटनाओं का सामना कर चुका है। ऐसे में यहां की सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत होना चाहिए था, लेकिन मौजूदा हालात को देखकर लग रहा है कि तैयारियों में कहीं न कहीं कमी रह गई है। इसी वजह से एक बार फिर आंतरिक सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि क्या शहर पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं। संवेदनशील इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों को पहचानने में सिस्टम या सुरक्षा एजेंसियां नाकाम हो रही हैं।
दरअसल ये मामला लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी उमर हारिस उर्फ खरगोश का है, जिसने जयपुर में न केवल ठिकाना बनाया, बल्कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे आसानी से यहां से फरार भी हो गया।

सुरक्षा में गंभीर हुई चूक

सबसे चिंताजनक बात यह है कि जयपुर में सिर्फ पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क ही नहीं, बल्कि बांग्लादेशी नागरिकों की भी गहरी घुसपैठ सामने आई है। फर्जी आधार कार्ड बनवाकर इन लोगों ने अपनी नकली पहचान बनाई और यहां तक कि जयपुर विकास प्राधिकरण से मकान भी हासिल कर लिए। इसके बावजूद शहर में रह रहे संदिग्ध व्यक्तियों का कोई ठोस और व्यवस्थित डेटा पुलिस को नहीं मिला है।

केंद्रीय एजेंसियों पर बढ़ती निर्भरता

जयपुर में आतंकी साजिशों के कई मामले सामने आए हैं, लेकिन ज्यादातर खुलासे स्थानीय पुलिस की बजाय केंद्रीय एजेंसियों या अन्य राज्यों की पुलिस ने किए हैं। बीट कांस्टेबल व्यवस्था और मुखबिर नेटवर्क की कमजोरी अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।

राजस्थान में हुए आतंकी गतिविधियों के उदाहरण

वर्ष 2008: जयपुर में हुए सीरियल ब्लास्ट में सिमी और इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े छिपे हुए स्लीपर सेल लोगों का हाथ था, जिसमें 70 लोगों की जान गई थी।
वर्ष 2013: 14 इंडियन मुजाहिदीन मॉड्यूल राष्ट्रीय जांच एजेंसी, एटीएस और एसओजी की कार्रवाई में 13 संदिग्धों को गिरफ्तार किया हैं और कई को उम्रकैद हुई हैं।
वर्ष 2022: अल-सुफा आरडीएक्स साजिश में राजस्थान पुलिस और मध्यप्रदेश एटीएस ने 12 किलो आरडीएक्स के साथ संदिग्ध पकड़े हैं, जिससे बड़ा हमला टल गया।
वर्ष 2024: अल-कायदा से जुड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश किया, जांच में दिल्ली पुलिस और राजस्थान एटीएस शामिल थी।
वर्ष 2025: बब्बर खालसा इंटरनेशनल मॉड्यूल ने जयपुर और टोंक से हथियार व ग्रेनेड बरामद किए और पाकिस्तान लिंक का खुलासा किया। 
वर्ष 2026: लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी उमर हारिस उर्फ खरगोश जयपुर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए रह रहा था, जिसका खुलासा हाल ही में हुआ हैं।

इस पूरी स्थिति ने साफ कर दिया है कि जयपुर में सुरक्षा को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने की जरुरत हैं। 


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