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उत्तर प्रदेश: मांगलिक कार्यों की हुई शुरुआत, अप्रैल से शादियों का सिलसिला शुरू 

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उत्तर प्रदेश  Published by: Anand Kumar , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 16/04/2026 04:09:59 pm Share:
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  • Published by.: Anand Kumar ,
  • Edited By.: Kunal,
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  • 16/04/2026 04:09:59 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: खरमास मंगलवार को समाप्त हो गया है. अब बुधवार से मांगलिक कार्य शुरू हो गए हैं। वैवाहिक मुहूर्त अक्षय तृतीया से शुरू हो रहे हैं। 

विस्तार

उत्तर प्रदेश: खरमास मंगलवार को समाप्त हो गया है. अब बुधवार से मांगलिक कार्य शुरू हो गए हैं। वैवाहिक मुहूर्त अक्षय तृतीया से शुरू हो रहे हैं। अप्रैल व मई माह में 13 शादियों के मुहूर्त बना रहे हैं। इस बार ज्येष्ठ मास में ही पुरुषोत्तम मास के शुद्ध ज्येष्ठ कृष्ण और शुद्ध शुक्ल पक्ष में मांगलिक कार्य होंगे। मगर, एक माह में पुरुषोत्तम मास के दौरान फिर मांगलिक कार्य पर विराम लग जाएगा। खरमास (मीन संक्रांति) 15 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल को समाप्त हुआ. इस 1 महीने की अवधि में सूर्य मीन राशि में रहते हैं, इसके चलते विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे मांगलिक कार्य बंद रहे। सोनभद्र जिले के दुद्धी नगर मे स्थित श्री संकट मोचन मंदिर के पुजारी कल्याण मिश्र व धनौरा गांव के पुरोहित त्रिभुवन तिवारी ने संयुक्त रूप से बताया कि मंगलवार को सूर्य के मेष संक्रांति मे प्रवेश करने के साथ ही मांगलिक कार्य शुरू हो गए। मगर, विवाह के लगन नहीं मिलने के चलते अक्षय तृतीया से शादियां शुरू होंगी।

 

उन्होंने बताया कि अप्रैल माह में 6, मई में 7,जून में 10 और जुलाई में 6 विवाह के मुहूर्त हैं। नक्षत्र के आधार पर कुछ शादियां होंगी।  17 मई को पुरुषोत्तम मास या मलमास लगने से एक बार फिर मांगलिक कार्य पर विराम लग जाएगा। इसके बाद 15 जून को पुरुषोत्तम मास के समाप्त होते ही मांगलिक कार्य दोबारा शुरू हो जाएंगे। चातुर्मास में मांगलिक कार्य पर फिर  विराम लग जाएगा। मान्यता है कि जगत के पालनहार भगवान विष्णु 4 माह पाताललोक में जाकर विश्राम करते हैं।  इस समय को चातुर्मास कहा जाता है. चातुर्मास 25 जुलाई से 21 नवंबर तक रहेगा।