Contact for Advertisement 9650503773


उत्तर प्रदेश: अवैध पटाखा निर्माण के दौरान भीषण विस्फोट, दो महिलाएं घायल 

- Photo by : social media

उत्तर प्रदे  Published by: Pawan Tiwari , Date: 27/02/2026 03:40:43 pm Share:
  • उत्तर प्रदे
  • Published by: Pawan Tiwari ,
  • Date:
  • 27/02/2026 03:40:43 pm
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: हरदोई में गुरुवार शाम एक घर में अवैध रूप से बनाए जा रहे पटाखों में जोरदार विस्फोट हो गया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: हरदोई में गुरुवार शाम एक घर में अवैध रूप से बनाए जा रहे पटाखों में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना भीषण था कि दो मंजिला मकान की छत और दीवारें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। इस हादसे में घर के अंदर काम कर रहीं 2 महिलाएं मलबे में दबकर लहूलुहान हो गईं। उन्हें नाजुक हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। मामला सांडी कस्बा का है। अब जानिए पूरा मामला मोहल्ला खिड़कियां में रहने वाले दिलशाद आतिशबाज की कस्बे के बाहर पटाखे बनाने की फैक्ट्री है। होली के त्योहार के चलते पटाखों की मांग बढ़ गई है। इसके चलते दिलशाद के घर के अंदर ही अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। गुरुवार शाम करीब 4 बजे दिलशाद की पत्नी साजिया (48) और उसकी देवरानी रूबिया (35) पटाखे बना रही थीं। तभी अचानक बारूद के ढेर ने आग पकड़ ली और विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज दूर तक सुनाई दी। आसपास के घरों में भी दरारें आ गईं। वहीं, साजिया और रूबिया मलबे में दब गईं।

रेस्क्यू कर अस्पताल ले जाया गया

धमाके के बाद मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी वसंत राम पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। मलबे में दबी साजिया और रूबिया को बाहर निकालकर एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सांडी पहुंचाया। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद हरदोई के मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

2012 में भी इसी घर में 4 मौतें हुई थीं

इसी घर में साल 2012 में भी एक बड़ा विस्फोट हुआ था। उस भयावह हादसे में बीबी नगमा, मुस्राम, रुखसाना और एक पड़ोसी बासिदा की मौके पर ही मौत हो गई थी। 14 साल पहले हुए उस खूनी मंजर के बावजूद पुलिस और प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। घनी बस्ती के बीच बेखौफ होकर बारूद का अवैध काम चलता रहा, जिससे आज फिर एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। क्षेत्र के लोगों में इस बात को लेकर काफी आक्रोश है। वहीं, देर शाम अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) सुबोध गौतम ने घटनास्थल का मुआयना किया।। पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है कि लाइसेंस बाहर होने के बावजूद रिहायशी इलाके में बारूद का भंडारण कैसे किया गया? कोतवाल ने स्पष्ट किया है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।