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उत्तर प्रदेश: क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर साइबर ठगी करने वाले दो आरोपी हुए गिरफ्तार

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shikha Pandey, Date: 09/09/2026 03:40:04 pm Share:
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  • Edited By.: Shikha Pandey,
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  • 09/09/2026 03:40:04 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बस्ती खुद को क्राइम ब्रांच लखनऊ का अधिकारी बताकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बस्ती खुद को क्राइम ब्रांच लखनऊ का अधिकारी बताकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले PhonePe या Google Pay पर मोबाइल नंबर डालकर संबंधित व्यक्ति का नाम पता करते थे। इसके बाद फोन कर उसे मुकदमे में फंसाने का डर दिखाकर रुपये की मांग करते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को बताते थे कि उनके खिलाफ 42 पन्नों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) मिली है और अश्लील वीडियो देखने के मामले में कार्रवाई हो सकती है। इसके बाद केस खत्म कराने के नाम पर चार लाख रुपये तक की मांग की जाती थी। थाने स्तर पर मामला खत्म कराने के नाम पर 15 हजार रुपये देने की बात कही जाती थी।

डर के कारण पीड़ितों से आरोपियों के बताए बैंक खातों या यूपीआई पर रकम भेजने को कहा जाता था। अधिक रकम की संभावना होने पर आरोपी वॉयस चेंजर का इस्तेमाल कर दोबारा फोन कर पैसे मांगते थे। एसपी डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे CY-VAJRA अभियान के तहत पुलिस ने यह कार्रवाई की। अपर पुलिस अधीक्षक श्यामाकांत के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी साइबर कुलदीप यादव के नेतृत्व में साइबर थाना प्रभारी विजय नारायण मिश्रा की टीम ने 7 सितंबर को दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदित्य गुप्ता (28), निवासी मसकनवा बाजार, गोंडा और अजय सिंह चौहान (24), निवासी कंचनपुर, गुजैनी, कानपुर नगर के रूप में हुई है। पूछताछ में साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस नेटवर्क और लेनदेन की जांच कर रही है। एसपी ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें और किसी अनजान व्यक्ति से ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या आधार की फोटो साझा न करें। उन्होंने कहा कि पुलिस या क्राइम ब्रांच फोन पर केस खत्म कराने के नाम पर पैसे की मांग नहीं करती।