Contact for Advertisement 9650503773


Illegal Extortion Inside the Jail: सुरक्षा के नाम पर अवैध वसूली का खेल खत्म, जेल अधिकारी और वकील समेत 11 आरोपी गिरफ्तार

- Photo by : NCR SAMACHAR

दिल्ली  Published by: Shubhi Shikha Nayal , दिल्ली  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 17/07/2026 01:09:36 pm Share:
  • दिल्ली
  • Published by.: Shubhi Shikha Nayal ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 17/07/2026 01:09:36 pm
Share:

संक्षेप

दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच ने दिल्ली की जेलों में चल रहे  रंगदारी और रिश्वतखोरी के बड़े संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

विस्तार

दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच ने दिल्ली की जेलों में चल रहे  रंगदारी और रिश्वतखोरी के बड़े संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा हैं की जेल अधिकारी, वार्डर, वकील और निजी व्यक्ति इस नेटवर्क में शामिल हैं। 

कैसे करते थे अवैध वसूली 

जानकारी के मुताबिक आरोपी अंडर  ट्रायल कैदियों के परिवार से सुरक्षा, बेहतर सुविधाएं और खास इंतजाम दिलाने के नाम पर उनसे अवैध वसूली करते थे। इसी मामले में एंटी करप्शन ब्रांच ने छापेमारी कर एक लाख रुपये की रिश्वत आरोपियों से बरामद की है। एसीबी प्रमुख विक्रमजीत सिंह का कहना हैं की  9 फरवरी को मिली एक शिकायत से इस मामले की जांच शुरू कर दी गई थी। पीड़ित ने शिकायत दर्ज करवाते हुए आरोप लगाया था की रोहिणी जेल में सजा काट रहे उसके पिता और भाई के अच्छी सुरक्षा और इंतजाम के नाम पर उससे बार-बार अवैध रूप से पैसे मांग रहे थे। 

छापेमारी में हुआ पुरे नेटवर्क का खुलासा 

जानकारी के अनुसार मामले की शिकायत मिलने पर एसीबी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रैप लगाकर मौके पर छापेमारी की, इसी दौरान मौके से एक लाख रुपये की रिश्वत भी बरामद की गई। शुरुआती जांच में सामने आया हैं की रोहिणी जेल के वार्डर दिनेश डबास, पंकज कुमार और रवि कुमार, तिहाड़ जेल के हेड वार्डर जोगेंद्र, फरीदाबाद के रहने वाले  वकील मनीष और दिल्ली के रहने वाले आशीष राणा मिलकर इस अवैध वसूली के गैर क़ानूनी काम को अंजाम देते थे। मामले की आगे की जांच करने पर बैंक खातों, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल सबूतों के जरिए सामने आया हैं की अवैध वसूली की रकम कई अलग-अलग खातों में भेजी जाती थी और बाद में नकद पैसे निकालकर आरोपी आपस में  बांट लिया करते थे। जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर मामल में पांच और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

जेल वार्डर समेत दो वकील भी थे शामिल

जानकारी के अनुसार इस मामले में रोहिणी जेल के सहायक अधीक्षक सुनील कुमार, हेड वार्डर योगेश, वार्डर जगबीर, उत्तर प्रदेश के बागपत के रहने वाले वकील हरेंद्र बंसल और दिल्ली के रेहेंव वाले विप्लव खारी शामिल है। एसीबी प्रमुख विक्रमजीत सिंह का कहना हैं की अभी तक इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं, जिनमें एक सहायक अधीक्षक, छह जेल वार्डर, दो एडवोकेट और दो आम व्यक्ति शामिल है। एसीबी के अनुसार इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान, अवैध लेनदेन के पूरे मनी ट्रेल और साजिश के दायरे की जांच की जा रही है।