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मध्य प्रदेश: पोरसा में गणेश महोत्सव का भव्य शुभारंभ, 108 दीपकों से हुई महाआरती; शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: आज गणेश चतुर्थी पर भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमाओं की दुकानदारों के यहां जाम की दुकानदारी हुई प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी के महोत्सव का शुभारंभ नगर में धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण के बीच हुआ।
विस्तार
मध्य प्रदेश: आज गणेश चतुर्थी पर भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमाओं की दुकानदारों के यहां जाम की दुकानदारी हुई प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी के महोत्सव का शुभारंभ नगर में धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण के बीच हुआ। गणेश चतुर्थी के अवसर पर नगर के विभिन्न स्थानों पर आकर्षक पंडाल सजाए गए हैं। भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमाओं की स्थापना के साथ ही धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। चारों ओर गणपति बप्पा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। गणेश उत्सव के उपलक्ष्य में भगवान श्री गणेश जी के मंदिर पर अखंड रामायण पाठ का आयोजन शुरू किया गया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर आचार्य आनंद शास्त्री जी के द्वारा भगवान श्री गणेश जी की 108 दीपकों से भव्य महाआरती की गई। महाआरती के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण गणपति के जयघोष से गूंज उठा। शोभायात्रा में निकले भगवान गणेश, जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत गणेश उत्सव के अवसर पर झांकियों में विराजमान भगवान श्री गणेश जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। नगर भ्रमण के दौरान शोभायात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, आरती और जयकारों के साथ स्वागत किया। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। शोभायात्रा में युवा वर्ग का उत्साह देखते ही बन रहा था। युवा गणपति के जयकारे लगाते हुए भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। ढोल-नगाड़ों और धार्मिक गीतों के बीच श्रद्धालु उत्साह के साथ शामिल हुए। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने भी शोभायात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जगह-जगह सजे आकर्षक गणेश पंडाल गणेश महोत्सव को लेकर नगर के अलग-अलग क्षेत्रों में भव्य और आकर्षक पंडाल सजाए गए हैं। पंडालों में भगवान श्री गणेश जी की मनमोहक प्रतिमाएं विराजमान की गई हैं। शाम होते ही रंग-बिरंगी रोशनी से सजे पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। आगामी दिनों में भी यहां विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भगवान गणेश के जन्म से जुड़ी धार्मिक मान्यता सनातन धर्म की मान्यता के अनुसार भगवान श्री गणेश को प्रथम पूज्य माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा या धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से करने की परंपरा है। धार्मिक कथाओं के अनुसार माता पार्वती ने अपने उबटन से गणेश जी की रचना की और उन्हें अपने द्वार की रक्षा का दायित्व सौंपा। जब भगवान शिव वहां पहुंचे और गणेश जी ने माता की आज्ञा के कारण उन्हें अंदर जाने से रोका, तब दोनों के बीच युद्ध हुआ। भगवान शिव के त्रिशूल के प्रहार से गणेश जी का सिर अलग हो गया। गणेश चतुर्थी से उत्सव का रंग, भक्तों में उत्साह गणेश चतुर्थी के दिन भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव के रूप में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इसके साथ ही गणेश उत्सव का शुभारंभ होता है। नगर में स्थापित गणेश प्रतिमाओं के पंडालों में श्रद्धालु प्रतिदिन आरती और पूजा-अर्चना करेंगे। गणेश महोत्सव के दौरान धार्मिक आयोजनों से नगर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आ रहा है।पोरसा में गणेश महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में भी विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन से नगर में गणपति भक्ति का यह उत्सव और भव्य रूप लेगा।
माता पार्वती के क्रोधित होने पर भगवान शिव ने गणेश जी को पुनर्जीवन देने का वचन दिया। इसके बाद हाथी का सिर लगाकर उन्हें पुनः जीवित किया गया। भगवान शिव ने गणेश जी को वरदान दिया कि किसी भी शुभ कार्य में सबसे पहले उन्हीं की पूजा की जाएगी। इसी कारण भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, मंगलकर्ता और प्रथम पूज्य कहा जाता है।
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