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राजस्थान: शिव महापुराण कथा का छठा दिन, ज्योतिर्लिंग महिमा से गूंजा भक्तिमय वातावरण

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राजस्थान  Published by: Manohar Singh Rathore , राजस्थान  Edited By: Kunal, Date: 16/04/2026 06:06:14 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal,
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संक्षेप

राजस्थान: शिव महापुराण कथा के सात दिवसीय कथा प्रसंग में छठे दिन शिवलिंग एवं ज्योतिर्लिंग में अंतर।

विस्तार

राजस्थान: शिव महापुराण कथा के सात दिवसीय कथा प्रसंग में छठे दिन शिवलिंग एवं ज्योतिर्लिंग में अंतर। शिवलिंग एवं ज्योतिर्लिंग के प्रकार की व्याख्या,ज्योतिर्लिंग कथाओं के साथ उपकथा रामेश्वर ज्योतिर्लिंग में कथाओं के माध्यम से शिव, श्री राम, रावण का त्रिकोण  स्थापित किया गया। कल शाम को खात्मे शक्ती पीठों कवर्णन और शुंभ निशुंभ, रक्त बीज राक्षसो के वध की कथा होगी साथ ही विगत छ दिनों की कथा का सार होगा एवं  शिव महापुराण कथा का विश्राम होगा, इस दिव्य एवं भव्य भावपूर्ण आयोजन  में सभी भक्तों का सहयोग प्राप्त हुआ। श्री मंशापूर्ण गजानंद मंदिर प्रांगण में महाराणा प्रताप कॉलोनी सेक्टर 13 उदयपुर में भव्य ओर दिव्य आयोजित  संगीतमय शिव महापुराण कथा के छठे दिन में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के बीच अत्यंत भावपूर्ण और आध्यात्मिक एवं भक्ति वातावरण बना रहा।

 

कथा के इस पावन अवसर पर मेवाड़ की सुप्रसिद्ध कथावाचक डॉ नीना शर्मा ने बताया कि इस प्रसंग ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्र मुग्ध  कर दिया। इस पुण्य कथा का सभी भक्तो में मन में गहराई से प्रभावित किया। प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसमें भगवान इस प्रसंग ने यह संदेश दिया कि आत्मसंयम और साधना से ही जीवन में संतुलन संभव है। कार्यक्रम  के मुख्य  संयोजक मनोहर सिंह राठौड़, महामंत्री महाराणा प्रताप कॉलोनी विकास समिति सेक्टर 13 उदयपुर  ने बताया यह कथा दिनांक 11/4/2026 से 17/4/2026 तक प्रतिदिन सायं 3 बजे से 6 बजे तक होगी की। उपस्थित सभी श्रद्धालु इस दिव्य कथा से भाव-विभोर हो उठे। वातावरण में "हर हर महादेव" के जयघोष गूंज उठे, जिससे पूरा कथा पंडाल शिवमय हो गया। जो सच्ची शिव  भक्ति करता हे शिव सदा उसी के साथ रहता हे। शिव महापुराण कथा में शिव तपस्या का विशेष महत्व है। आत्मसंयम ही आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग है। श्री मंशापूर्ण गजानंद महाराज मंदिर के महामंत्री ने सभी शिव भक्तो से अनुरोध  किया कि शेष एक  दिन की कथा में अधिक से अधिक संख्या में परिवार एवं अपने ईष्ट मित्रों के साथ पधारे। आज के विशेष  यजमान श्री मान पुष्कर जी  सुहालका रहे।