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राजस्थान: जयपुर में एजीटीएफ की बड़ी कार्रवाई, सुजानगढ़ शूटआउट का मुख्य आरोपी समेत दो हार्डकोर बदमाश गिरफ्तार
- Photo by : social media
संक्षेप
राजस्थान: एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) जयपुर की टीम ने संगठित अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर शहर के करधनी इलाके से दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सुजानगढ़ फायरिंग प्रकरण में वांछित एक आरोपी और कई गंभीर मामलों में फरार चल रहा एक अन्य अपराधी शामिल है।
विस्तार
राजस्थान: एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) जयपुर की टीम ने संगठित अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर शहर के करधनी इलाके से दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सुजानगढ़ फायरिंग प्रकरण में वांछित एक आरोपी और कई गंभीर मामलों में फरार चल रहा एक अन्य अपराधी शामिल है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एटीएस, एजीटीएफ एवं एएनटीएफ श्री दिनेश एमएन के निर्देशन में यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धांत शर्मा के कुशल सुपरविजन और पुलिस उप अधीक्षक श्री रविन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में अंजाम दी गई। टीम ने करधनी इलाके में फरारी काट रहे हार्डकोर बदमाश कृष्ण सिंह पुत्र मदन सिंह राजपूत (31) निवासी ठठवाता थाना रतनगढ़ चुरू एवं लक्ष्मण सिंह पुत्र बंसी सिंह सिसोदिया (34) निवासी वार्ड नंबर 3 नावा सिटी जिला कुचामन कुचामन डीडवाना दबोच लिया। एडीजी श्री दिनेश के निर्देशानुसार राज्यभर में संगठित अपराधियों और फरार अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गठित विशेष टीम को सूचना मिली कि सुजानगढ़ फायरिंग प्रकरण का आरोपी कृष्ण सिंह जयपुर में छिपकर फरारी काट रहा है। सूचना के आधार पर एजीटीएफ टीम ने आसूचना संकलन कर कार्रवाई करते हुए करधनी क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी कृष्ण सिंह को घात लगाकर डिटेन कर लिया। उसके साथ मौजूद लक्ष्मण सिंह को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि कृष्ण सिंह चूरू जिले के पुलिस थाना सुजानगढ़ क्षेत्र में स्थित जेडीजे ज्वैलर्स शोरूम में हुई फायरिंग की घटना में शामिल था और पिछले तीन वर्षों से फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी वारदात के बाद लगातार अलग-अलग स्थानों पर छिपकर फरारी काट रहा था।
एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि कृष्ण सिंह कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेन्द्र चारण के सीधे संपर्क में था और उनके इशारे पर कारोबारियों को धमकाने का काम करता था। आरोपी पूर्व में परबतसर में हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है। जेल से रिहा होने के बाद वह गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेन्द्र चारण के लिए रंगदारी वसूली के उद्देश्य से सुजानगढ़ में जेडीजे ज्वैलर्स शोरूम पर फायरिंग की घटना में शामिल हुआ था। इस संबंध में वर्ष 2023 में प्रकरण दर्ज किया गया था। वहीं दूसरा आरोपी लक्ष्मण सिंह भी आपराधिक प्रवृत्ति का है, जिसके खिलाफ हत्या के प्रयास, चैन स्नेचिंग और अन्य गंभीर अपराधों सहित कुल 27 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। वह पुलिस थाना वैशाली नगर, पुलिस थाना मकराना और पुलिस थाना नावां सिटी के मामलों में न्यायालय से फरार चल रहा था।
एजीटीएफ की टीम गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से इस गिरोह के नेटवर्क और भविष्य की साजिशों के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर रही है। उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान अन्य साथियों और मददगारों के बारे में बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस कार्रवाई को एजीटीएफ की संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली एजीटीएफ टीम का नेतृत्व प्लाटून कमांडर श्री सोहन सिंह ने किया। टीम में हेड कांस्टेबल महेश सोमरा, होशियार सिंह, प्रवीण कुमार, जुगन सिंह, महावीर सिंह और कांस्टेबल मोहित महला, जगदीप, जितेन्द्र व सुरेन्द्र शामिल रहे। एडीजी श्री एमएन ने बताया कि टीम की सूझबूझ और सटीक सूचना संकलन के कारण इन दोनों हार्डकोर अपराधियों को सुरक्षित रूप से दबोचा जा सका। राज्य में अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और कानून से बचने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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