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उत्तर प्रदेश: ग्रीष्मकालीन धान की अवैध सिंचाई पर प्रशासन सख्त
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: ग्रीष्मकालीन धान की अवैध सिंचाई पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रशासन द्वारा निरंतर निगरानी एवं सघन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बीते दिवस विभागीय उड़नदस्ता टीम द्वारा क्षेत्र भ्रमण के दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए ग्रीष्मकालीन धान की सिंचाई करते किसानों को पकड़ा गया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: ग्रीष्मकालीन धान की अवैध सिंचाई पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रशासन द्वारा निरंतर निगरानी एवं सघन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बीते दिवस विभागीय उड़नदस्ता टीम द्वारा क्षेत्र भ्रमण के दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए ग्रीष्मकालीन धान की सिंचाई करते किसानों को पकड़ा गया। उड़नदस्ता टीम ने कार्रवाई करते हुए ग्राम ताकम से 07, पाथरपूंजी से 02, सिंवार से 01 तथा सलधा से 03 नग मोटर पंप जप्त किए। इस प्रकार कुल 13 नग पंप जप्त कर नियमानुसार जब्ती की कार्यवाही की गई। जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित कृषकों द्वारा जल संरक्षण एवं शासन के निर्देशों की अवहेलना करते हुए प्रतिबंधित अवधि में ग्रीष्मकालीन धान की सिंचाई की जा रही थी, जिससे भू-जल स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन द्वारा पूर्व में ही किसानों को ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाने एवं जल के विवेकपूर्ण उपयोग हेतु निर्देशित किया गया है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण अधिनियम एवं संबंधित आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही कृषकों से अपील की गई है कि वे शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए जल का सदुपयोग करें तथा वैकल्पिक, कम पानी वाली फसलों की ओर अग्रसर हों। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में अवैध सिंचाई पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित उपकरणों की जब्ती की कार्यवाही और कड़ी की जाएगी।