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मध्य प्रदेश: प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने कृषक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित, उन्नत एवं प्रगतिशील किसानों का हुआ सम्मान

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मध्य प्रदेश  Published by: Ajay Singh Tomar , मध्य प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 20/06/2026 03:58:39 pm Share:
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  • Published by.: Ajay Singh Tomar ,
  • Edited By.: Kunal,
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  • 20/06/2026 03:58:39 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) अंतर्गत किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, मुरैना द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र, मुरैना में प्राकृतिक खेती विषयककृषक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

विस्तार

मध्य प्रदेश: सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) अंतर्गत किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, मुरैना द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र, मुरैना में प्राकृतिक खेती विषयककृषक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष श्री अरविंद सिंह सिकरवार ने की। विशेष अतिथि के रूप में किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष श्री हेमंत धाकड़ उपस्थित रहे। कार्यशाला में विकासखंड मुरैना, जौरा, अंबाह एवं पोरसा के प्राकृतिक खेती कर रहे तथा इसे अपनाने के इच्छुक किसानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों, जैविक संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा कम लागत में अधिक एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त करने के उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

उप संचालक सह परियोजना संचालक (आत्मा) श्री अनंत विहारी सड़ैया ने जिले में संचालित प्राकृतिक खेती कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में मुरैना जिले के 3,125 किसान लगभग 1,250 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। आगामी वर्ष में इस क्षेत्रफल को बढ़ाकर 5,000 हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. जे.सी. गुप्ता एवं आंचलिक कृषि अनुसंधान केंद्र के प्रमुख डॉ. संदीप सिंह तोमर ने प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों, जैविक पोषक तत्वों के उपयोग तथा नीम तेल, ढैंचा एवं सनई जैसी हरी खादों के महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर ने प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी एक हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती कर रहे हैं तथा किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करते हुए प्राकृतिक खेती को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने नीम तेल, ढैंचा एवं सनई जैसी जैविक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उन्नत एवं प्रगतिशील किसानों को सांसद श्री तोमर द्वारा सम्मानित किया गया। 


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