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उत्तर प्रदेश: गाजीपुर में किशोरों के लिए मनोवैज्ञानिक सहायता एवं परामर्श कार्यक्रम हुआ आयोजित

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shikha Pandey, Date: 09/09/2026 12:11:27 pm Share:
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  • Published by.: Ramkesh Vishwakarma ,
  • Edited By.: Shikha Pandey,
  • Date:
  • 09/09/2026 12:11:27 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: गाजीपुर राजकीय संप्रेक्षण गृह/बाल गृह में मंगलवार को पॉक्सो एक्ट से जुड़े किशोरों के लिए मनोवैज्ञानिक सहायता एवं परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: गाजीपुर राजकीय संप्रेक्षण गृह/बाल गृह में मंगलवार को पॉक्सो एक्ट से जुड़े किशोरों के लिए मनोवैज्ञानिक सहायता एवं परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम दोपहर करीब 3 बजे हुआ, जिसमें विशेषज्ञों ने किशोरों से व्यक्तिगत और समूह स्तर पर बातचीत कर उनकी भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक समस्याओं को समझने का प्रयास किया। कार्यक्रम के दौरान किशोरों को तनाव, डर, अपराध बोध, नकारात्मक भावनाओं और व्यवहार से जुड़ी चुनौतियों से सकारात्मक तरीके से निपटने के उपाय बताए गए। किशोरों ने भी विशेषज्ञों के साथ अपनी परेशानियों और भावनात्मक अनुभवों को साझा किया।

राजकीय महिला पीजी कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. शिव कुमार, मनोवैज्ञानिक काउंसलर सुषमा मौर्या, शोधार्थी श्वेता गुप्ता और उनकी टीम ने किशोरों से संवाद किया। डॉ. शिव कुमार ने कहा कि किशोरावस्था जीवन का संवेदनशील दौर होता है। इस उम्र में समझ की कमी और जल्दबाजी के कारण कई बार किशोर जाने-अनजाने में गलत कदम उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे किशोरों को समाज से अलग करने के बजाय उन्हें सही मार्गदर्शन, सकारात्मक वातावरण और मनोवैज्ञानिक सहयोग दिया जाना चाहिए, ताकि वे अपने जीवन में सुधार कर बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें। उन्होंने किशोरों को अपनी भावनाओं को समझने, आत्मनियंत्रण बनाए रखने और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय सोनी और संस्था अधीक्षक राम अचल मौर्य ने किशोरों की सुरक्षा, उनके पुनर्वास और उन्हें दोबारा समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कार्यक्रम समन्वयक एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है। संवेदनशील और जरूरतमंद लोगों के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी निभाना भी उसका महत्वपूर्ण दायित्व है।