-
☰
No image found.
गुजरात: सापुतारा मानसून फेस्टिवल के उद्घाटन का पत्रकारों ने किया बहिष्कार, कवरेज व्यवस्था पर नाराजगी
- Photo by : social media
संक्षेप
गुजरात: डांग जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सापुतारा में गुजरात टूरिज्म की ओर से आयोजित मानसून फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में पत्रकारों की कथित अनदेखी को लेकर स्थानीय मीडियाकर्मियों में नाराजगी देखने को मिली।
विस्तार
गुजरात: डांग जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सापुतारा में गुजरात टूरिज्म की ओर से आयोजित मानसून फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में पत्रकारों की कथित अनदेखी को लेकर स्थानीय मीडियाकर्मियों में नाराजगी देखने को मिली। पत्रकारों ने बैठने और स्वतंत्र रूप से कवरेज करने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। कार्यक्रम में राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी की मौजूदगी रही। पत्रकारों का आरोप है कि समारोह में मीडिया के लिए उचित बैठने की व्यवस्था नहीं की गई। पत्रकारों के लिए निर्धारित सीटों के ठीक सामने करीब चार फीट ऊंची बैरिकेडिंग लगाए जाने से फोटो और वीडियो कवरेज करने में परेशानी हुई। इसके अलावा, पत्रकारों के अनुसार कार्यक्रम की कार्यसूची यानी एजेंडा और समारोह से जुड़ी आवश्यक जानकारी की प्रतियां भी उपलब्ध नहीं कराई गईं। कवरेज के दौरान विभिन्न तरह की बाधाओं का सामना करने से मीडियाकर्मियों में नाराजगी बढ़ गई। पत्रकारों का कहना था कि सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में पत्रकारों के लिए सम्मानजनक बैठने की व्यवस्था, आवश्यक जानकारी और स्वतंत्र रूप से कवरेज करने की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।मीडियाकर्मियों ने कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति या आयोजन के खिलाफ नहीं है, बल्कि मीडिया के सम्मान और बेहतर कवरेज व्यवस्था की मांग को लेकर है। इसी नाराजगी के चलते पत्रकारों ने सामूहिक रूप से मानसून फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया। पत्रकारों के बहिष्कार के बाद आयोजन में मीडिया प्रबंधन और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मीडियाकर्मियों ने मांग की कि भविष्य में सरकारी आयोजनों में पत्रकारों के लिए उचित स्थान, बेहतर सुविधाएं और स्वतंत्र कवरेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि लोकतंत्र में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है, इसलिए पत्रकारों के सम्मान और उनके स्वतंत्र कवरेज के अधिकार का ध्यान रखा जाना जरूरी है।
