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मध्य प्रदेश: पंचायत सचिवों की वेतन विसंगति और अधिकारों में हस्तक्षेप को लेकर आक्रोश

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मध्य प्रदेश  Published by: Ajay Singh Tomar , Date: 07/02/2026 04:59:19 pm Share:
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  • 07/02/2026 04:59:19 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: पंचायत सचिव संगठन, जनपद पोरसा द्वारा पंचायत सचिवों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर एसडीएम अंबाह रामनिवास सिंह सिकरवार को ज्ञापन सौंपा गया।

विस्तार

मध्य प्रदेश: पंचायत सचिव संगठन, जनपद पोरसा द्वारा पंचायत सचिवों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर एसडीएम अंबाह रामनिवास सिंह सिकरवार को ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने जनपद पंचायत पोरसा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पर शासन निर्देशों की अवहेलना, भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने तथा पंचायत सचिवों के अधिकारों में हस्तक्षेप करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि बार-बार अवगत कराने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे पंचायत सचिवों में भारी असंतोष एवं रोष व्याप्त है।
वेतन विसंगति को लेकर गंभीर आरोप ज्ञापन में पंचायत सचिव संगठन के अध्यक्ष गणेश सिंह तोमर ने बताया कि जनपद पंचायत अंबाह एवं पोरसा में कार्यरत पंचायत सचिवों के वेतन में स्पष्ट और अनुचित अंतर है।

अंबाह जनपद में पंचायत सचिवों को प्रतिमाह 45,030 रुपये वेतन दिया जा रहा है, जबकि पोरसा जनपद में समान कार्य, दायित्व एवं जिम्मेदारी निभाने वाले सचिवों को मात्र 43,774 रुपये प्रतिमाह वेतन मिल रहा है। इस प्रकार 1,256 रुपये प्रतिमाह की वेतन विसंगति सचिवों के साथ हो रहे अन्याय को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में कई बार ज्ञापन और अनुरोध प्रस्तुत किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे सचिव स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
योजनाओं में हस्ताक्षर रोकना बताया अवैधानिक संगठन ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि शासन द्वारा पंचायत सचिवों को मनरेगा एवं वाटरशेड सहित विभिन्न योजनाओं के संचालन एवं क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बावजूद जनपद पंचायत पोरसा के सीईओ द्वारा मौखिक आदेश देकर इन योजनाओं के बिल-वाउचर पर पंचायत सचिवों के हस्ताक्षर एवं सत्यापन से रोका जा रहा है।

संगठन ने इसे शासनादेशों के विरुद्ध, अधिकारों में हस्तक्षेप तथा पूर्णत अवैधानिक करार दिया है। मुख्यालय पर न रहने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि जनपद पंचायत पोरसा के सीईओ मुख्यालय पर निवास नहीं करते, जिसके कारण पंचायत सचिवों को उनके निजी निवास पर जाना पड़ता है। वहां सचिवों को बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है तथा उन पर अवैध वसूली का दबाव बनाए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन परिस्थितियों से पंचायत सचिवों में गहरा आक्रोश व्याप्त है और वे मानसिक रूप से परेशान हैं। समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी पंचायत सचिव संगठन के अध्यक्ष गणेश सिंह तोमर ने प्रशासन से मांग की कि वेतन विसंगति सहित सभी समस्याओं का शीघ्र, निष्पक्ष एवं स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो संगठन को आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए विवश होना पड़ेगा। संगठन ने घोषणा की है कि दिनांक 16 फरवरी 2026 से मध्यप्रदेश पंचायत सचिव संगठन इकाई पोरसा के समस्त पंचायत सचिव कलम बंद हड़ताल पर रहेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।