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मध्य प्रदेश: सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए ठगी के मामलों पर चेतावनी, कई राज्यों में फ्रेंचाइजी फ्रॉड सामने आए
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: आजकल सोशल मीडिया और और अन्य विज्ञापनों के माध्यम से आकर्षक विज्ञापन बनाकर लोगों को आकर्षक निश्चित मासिक आय बताकर रोजगार और व्यापार का झांसा देकर कंपनियां कर रही है लोगों के साथ व्यापारिक ठगी।
विस्तार
मध्य प्रदेश: आजकल सोशल मीडिया और और अन्य विज्ञापनों के माध्यम से आकर्षक विज्ञापन बनाकर लोगों को आकर्षक निश्चित मासिक आय बताकर रोजगार और व्यापार का झांसा देकर कंपनियां कर रही है लोगों के साथ व्यापारिक ठगी। पहला मामला बिहार पटना से है, जिसमें एम. के.जी लॉजिस्टिक कंपनी के संचालक मनजीत कुमार ने सोशल मीडिया पर लॉजिस्टिक्स फ्रेंचाइजी का आकर्षक विज्ञापन डालते हुए. 50000 की निश्चित मासिक आय बताकर लॉजिस्टिक व्यापार एग्रीमेंट करके ₹100000 की राशि जमा करने को कहा गया, जिसमें भारत के सभी राज्यों से लोगों ने अपने-अपने पैसे फ्रेंचाइजी के लिए दिए और 3 सालों में अभी तक ना ही लोगों के पैसे लौटे और ना ही व्यापार शुरू हुआ। दूसरा मामला भोपाल से है इसमें ऐसे ही कुछ लुभावने विज्ञापन सोशल मीडिया पर डालकर अयान एक्सप्रेस लॉजिस्टिक इसके संचालक बख्तियार अहमद ने पूरे मध्य प्रदेश के सभी जिलों से फ्रेंचाइजी पार्टनर बनाए और उनसे डेढ़ लाख रुपए में फ्रेंचाइजी देकर. एग्रीमेंट किया पर इस कंपनी को भी 3 साल हो गए हैं अभी तक ना ही किसी के पैसे लौट आए और ना ही काम चालू हुआ।
तीसरा मामला उदयपुर राजस्थान से है जिसमें पिन कोड कार्ड कंपनी के संचालक नरेश सैनी द्वारा सोशल मीडिया पर लॉजिस्टिक्स फ्रेंचाइजी का विज्ञापन डाल गया.. इसमें भी भारत के सभी राज्यों के जिलों से सभी ने ₹100000 देकर फ्रेंचाइजी का एग्रीमेंट किया... और अब सभी फ्रेंचाइजी पार्टनर का कहना है। 6 माह से अभी तक कोई काम चालू नहीं हुआ है। हब का किराया एवं अन्य खर्च मिलाकर 6 माह में लगभग ढाई लाख रुपये अभी तक खर्च हो चुके हैं। और अभी भी काम चालू नहीं हुआ है। ऐसे और भी अन्य मामले हैं जिसमें लोगों ने आकर्षक विज्ञापन देखकर अपने पैसे गवा दिए। भारत में रोज लगभग साइबर क्राइम के 600 मामले सामने आते हैं। इसमें सबसे ज्यादा मामले व्यापारिक ठगी से है।