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राजस्थान: धोखाधड़ी और एनडीपीएस मामलों का फरार आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
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संक्षेप
राजस्थान: श्रीमान महानिदेशक महोदय अपराध शाखा राजस्थान जयपुर द्वारा जारी आदेश की पालना में वांछित ईनामी अपराधियों की गिरफ्तारी एवं प्रकरणों के निस्तारण हेतु दिनांक 01.04.26 से एक विशेष अभियान चलाया गया है, जिसमें मन् पुलिस अधीक्षक जिला अजमेर, हर्षवर्धन अग्रवाला के नेतृत्व में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर एवं मुख्यालय जिला अजमेर श्री हिमांशु जांगिड व वृताधिकारी वृत उत्तर नगर अजमेर श्री शिवम जोशी के सुपरविजन एवं थानाधिकारी अरविन्द सिंह चारण, पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया।
विस्तार
राजस्थान: श्रीमान महानिदेशक महोदय अपराध शाखा राजस्थान जयपुर द्वारा जारी आदेश की पालना में वांछित ईनामी अपराधियों की गिरफ्तारी एवं प्रकरणों के निस्तारण हेतु दिनांक 01.04.26 से एक विशेष अभियान चलाया गया है, जिसमें मन् पुलिस अधीक्षक जिला अजमेर, हर्षवर्धन अग्रवाला के नेतृत्व में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर एवं मुख्यालय जिला अजमेर श्री हिमांशु जांगिड व वृताधिकारी वृत उत्तर नगर अजमेर श्री शिवम जोशी के सुपरविजन एवं थानाधिकारी अरविन्द सिंह चारण, पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। उक्त टीम में हैड कानि. 598 संदीप व कानि. 2571 प्रेमाराम को थाना सिविल लाईन, क्लॉक टावर, अलवरगेट, आदर्श नगर के प्रकरणों एवं थाना मोडक जिला कोटा ग्रामीण के प्रकरण में वांछित (मफरूर) आरोपी रमजान उर्फ कालु पुत्र श्री रहीम उर्फ रीमा जाति मुसलमान उम्र 36 साल निवासी सोमलपुर रोड मस्जिद के पास फकीराखेडा/किशनपुरा वार्ड नम्बर 30 पुलिस थाना रामगंज जिला अजमेर जोकि 5000/-रूपये का ईनामी अपराधी घोषित है। उक्त सभी प्रकरणों में माननीय न्यायालय द्वारा स्थाई वारण्ट जारी किये गये है, की गिरफ्तारी का टारगेट दिया गया। फरार आरोपी रमजान उर्फ कालु की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम द्वारा बिना किसी तकनीकी संसाधन एवं बिना मोबाइल नंबर की उपलब्धता के केवल मानवीय सूचना, सतत निगरानी एवं जमीनी स्तर की कड़ी मेहनत के आधार पर कार्य किया। टीम द्वारा आरोपी की तलाश में 15 से अधिक संभावित स्थानों पर दबिश दी गई तथा उसके परिचितों, रिश्तेदारों एवं आसपास के लोगों से गहन पूछताछ की गई। आरोपी रमजान उर्फ कालु द्वारा उक्त फरारी की अवधि में लगभग 08-10 बार अपने निवास/ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास किया गया, परन्तु टीम के सदस्यों ने स्थानीय स्तर पर मजबूत मुखबिर तंत्र विकसित किया गया, जिसके माध्यम से धीर-धीरे उसके मूवमेंट की जानकारी प्राप्त की गई। अंततः सटीक मानवीय सूचना एवं मजबूत मुखबिर तंत्र के आधार पर आरोपी को सफलतापूर्वक दस्तयाब किया गया। तरीका वारदात अभियुक्त द्वारा ट्रान्सपोर्ट का कार्य करने के कारण अपने स्वयं के वाहन द्वारा एनडीपीएस माल का परिवहन करना व ट्रान्सपोर्ट का कार्य के कारण लोगो को सामान लाने व ले जाने का झांसा देकर पैसे ऑनलाईन अकाउण्ट में मंगवा कर वापस पैसे नहीं लौटाना एवं जमीन की खरीदने व बेचने के दौराने जमीने एक से अधिक जगह बेचान कर लोगों के साथ धोखाधड़ी करना व मामला उजागर होने पर अपने निवास स्थान से रूहपोश हो जाना एवं परिवादीगण के फोन उठाना भी बन्द कर देना।
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