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उत्तर प्रदेश: अमृतपुर में तेल-गैस की खोज तेज: कई जगह ड्रिलिंग, सैंपल जांच को देहरादून भेजे गए

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उत्तर प्रदेश  Published by: Amar Deep , Date: 23/03/2026 05:30:12 pm Share:
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  • 23/03/2026 05:30:12 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: फर्रुखाबाद जनपद स्थित अमृतपुर तहसील क्षेत्र में इन दिनों पेट्रोलियम पदार्थों की खोज का काम बड़े स्तर पर चल रहा है। केंद्र सरकार के अधीन ऑयल इंडिया प्रोजेक्ट की टीम यहाँ जनवरी महीने से ही सर्वेक्षण और ड्रिलिंग

विस्तार

उत्तर प्रदेश: फर्रुखाबाद जनपद स्थित अमृतपुर तहसील क्षेत्र में इन दिनों पेट्रोलियम पदार्थों की खोज का काम बड़े स्तर पर चल रहा है। केंद्र सरकार के अधीन ऑयल इंडिया प्रोजेक्ट की टीम यहाँ जनवरी महीने से ही सर्वेक्षण और ड्रिलिंग के कार्य में जुटी हुई है। अब तक एक दर्जन से अधिक स्थानों पर बोरिंग की जा चुकी है, जिससे क्षेत्र में कच्चे तेल और गैस मिलने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। जांच की प्रक्रिया और तकनीक ऑयल इंडिया प्रोजेक्ट के पीआरओ विक्रम दिवाकर के अनुसार, यह एक बहु-चरणीय प्रक्रिया है सैटेलाइट सर्वे: सबसे पहले उपग्रह के माध्यम से संभावित क्षेत्रों की पहचान की जाती है।ग्राउंड सर्वे और ड्रिलिंग: इसके बाद जमीन पर 120 से 180 फीट तक गहरी बोरिंग की जाती है। ब्लास्ट और वाइब्रेशन: बोरिंग के बाद नियंत्रित ब्लास्ट के जरिए जमीन के अंदर कंपन (Vibration) पैदा किया जाता है, जिससे भूगर्भीय संरचना की जानकारी मिलती है।

सैंपल कलेक्शन: विशेष कैमरों और उपकरणों की मदद से मिट्टी और पत्थरों के सैंपल लिए जाते हैं। नदियों के किनारे विशेष फोकस वर्तमान में यह कार्य विशेष रूप से गंगा और रामगंगा नदियों के तटीय क्षेत्रों में किया जा रहा है। सोमवार को तहसील क्षेत्र के ग्राम हरसिंहपुर गहरवार में बृजकांत दीक्षित के खेत में 120 फीट की बोरिंग कर सैंपल एकत्र किए गए। 44 जिलों का बड़ा प्रोजेक्टयह परियोजना बलिया जनपद में कच्चे तेल की संभावना मिलने के बाद शुरू की गई है। इस बड़े प्रोजेक्ट के दायरे में उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद और कन्नौज सहित करीब 44 जिले शामिल हैं। वर्तमान में अमृतपुर से लिए गए सभी सैंपलों को विस्तृत विश्लेषण के लिए देहरादून स्थित केंद्रीय प्रयोगशाला भेज दिया गया है। विभाग को अब लैब रिपोर्ट का इंतज़ार है, जिसके बाद ही क्षेत्र में तेल के भंडार की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।