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उत्तर प्रदेश: कला एनक्लेव में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ

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उत्तर प्रदेश  Published by: Pushpender Singh Negi , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 13/04/2026 05:47:41 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal,
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  • 13/04/2026 05:47:41 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: कला एनक्लेव आज उस समय भक्ति, श्रद्धा और सनातन संस्कृति के रंग में सराबोर हो उठा, जब प्राचीन शिव शक्ति मंदिर सेवा समिति ट्रस्ट के तत्वावधान में श्रीमद् भागवत कथा एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के शुभारंभ पर भव्य

विस्तार

उत्तर प्रदेश: कला एनक्लेव आज उस समय भक्ति, श्रद्धा और सनातन संस्कृति के रंग में सराबोर हो उठा, जब प्राचीन शिव शक्ति मंदिर सेवा समिति ट्रस्ट के तत्वावधान में श्रीमद् भागवत कथा एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के शुभारंभ पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। हर ओर “जय श्री राम” और “हर हर महादेव” के उद्घोष से वातावरण दिव्य और ऊर्जावान हो गया। ट्रस्ट के प्रबंधक एवं संगठन महामंत्री पंडित संतोष मिश्रा जी ने भावुक शब्दों में बताया कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिंदुत्व को संगठित करने, जागरूक करने और जन-जन में धर्म के प्रति आस्था जागृत करने का एक पवित्र संकल्प है। श्रद्धेय व्यास पीठ से विराजमान पूज्य व्यास जी महाराज श्री नारायण हरि जी के सानिध्य में निकली इस कलश यात्रा में बटुक गणों की पावन उपस्थिति और मातृ शक्तियों की श्रद्धा ने पूरे आयोजन को अलौकिक बना दिया। सिर पर कलश धारण कर जब मातृ शक्तियां भक्ति में लीन होकर आगे बढ़ीं, तो मानो स्वयं देवत्व धरती पर उतर आया हो।

इस भव्य यात्रा में ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री विनोद तिवारी जी, सचिव श्री शिवनाथ तिवारी जी, उपाध्यक्ष श्री राम अवतार श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष श्री सुखबीर सिंह जी, पुजारी श्री अर्जुन तिवारी जी सहित अनेक सम्मानित पदाधिकारी—अनिल यादव, डब्लू श्रीवास्तव, सुमित चौरसिया, राधे चौरसिया, उपेंद्र मिश्रा जी, हृदय राम मिश्रा, दिलीप सिंह, अनूप तिवारी, मनमोहन तिवारी, ज्ञानेंद्र तिवारी जी—और सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्तों की उमंग ने ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया, जिसने हर हृदय को भक्ति से भर दिया। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत झांकी बन गई, जिसने समाज को एकता, धर्म और सेवा का संदेश दिया। यह दिव्य श्रीमद् भागवत कथा 18 अप्रैल 2026 तक निरंतर चलेगी, जिसके उपरांत 19 अप्रैल 2026 को हवन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। समिति ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से आह्वान किया है कि इस पुण्य अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त करें और इस आध्यात्मिक महोत्सव का हिस्सा बनें।