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उत्तराखंड: ठप पेयजल योजना पर भड़के व्यापारी, आंदोलन की दी चेतावनी

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उत्तराखंड  Published by: Likhit Pant , Date: 25/03/2026 03:31:10 pm Share:
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  • 25/03/2026 03:31:10 pm
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संक्षेप

उत्तराखंड: गंगोलीहाट विकास की पाइपलाइन जब सिस्टम की लापरवाही की भेंट चढ़ती है, तो जनता का आक्रोश सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाता है।

विस्तार

उत्तराखंड: गंगोलीहाट विकास की पाइपलाइन जब सिस्टम की लापरवाही की भेंट चढ़ती है, तो जनता का आक्रोश सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाता है। कुछ ऐसा ही हाल गंगोलीहाट नगर का है, जहाँ नई पेयजल योजना का काम पिछले एक महीने से ठप पड़ा है। नगर उद्योग व्यापार मंडल ने अब विभाग को दो-टूक चेतावनी देते हुए कह दिया है— "काम शुरू करो, वरना आंदोलन झेलने को तैयार रहो।" अधूरा काम हाट, भल्यूड़ा, डोलिया और पठकयूड़ा जैसे क्षेत्रों के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन का कनेक्शन नेशनल हाईवे (गोदाम रोड़ से चौराहे तक) पर जोड़ना था। ठेकेदार की लापरवाही व्यापारियों का आरोप है कि ठेकेदार ने एक महीने पहले काम बीच में ही रोक दिया, जिससे पूरी योजना का लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। करोड़ों की योजना होने के बावजूद नगर की प्यास नहीं बुझ पा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। "हमने जल संस्थान को स्पष्ट कर दिया है कि जनता के धैर्य की परीक्षा न ली जाए। यदि जल्द ही पाइपलाइन को जोड़ने का कार्य सुचारू नहीं किया गया, तो समस्त व्यापारी और नगरवासी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।"

 

ज्ञापन देने वालों में हितेश खाती अध्यक्ष,मनीष बिष्ट महासचिव, किशन भंडारी संरक्षक, प्रदीप पंत जिला महामंत्री, यशवंत सिंह, पूर्व प्रधान शंकर लाल चौधरी सहित अनेक व्यापारी एवम् स्थानीय जनता शामिल रही। इस विषय पर अवर अभियंता रूपेश आर्या ने बताया कि यह कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा था जिस हेतु संबंधित ठेकेदार चंद्र सिंह सामंत को एक नोटिस फरवरी में ओर एक नोटिस 24 मार्च को दिया गया है। इसके बावजूद ठेकेदार न तो कार्य में सुधार कर रहा है ओर ना ही विभाग को कोई जवाब दे रहा है। अधिशासी अभियंता सुरेश जोशी ने बाद में बात करने अभी जिलाधिकारी के  साथ निरीक्षण में होने की बात कह कर फ़ोन काट दिया गया। चर्चा है कि संबंधित ठेकेदार को अधिकारियों का बर्ड हस्त प्राप्त है, जिस कारण वह पाईप लाईन को मानकों के अनुरूप गहरा नहीं दबा रहा है।उक्त योजना की कुल लागत 171 लाख बताई जाती है।