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बिहार: सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का आदेश बेअसर? कार्रवाई नहीं होने पर CO की भूमिका पर उठे सवाल
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संक्षेप
बिहार: नवादा जिले के सोनसिहारी गांव में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के मामले में प्रशासनिक आदेश के अनुपालन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि जिला स्तर पर पारित आदेश और अनुमंडल दंडाधिकारी के निर्देश के बावजूद नवादा सदर अंचल में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई।
विस्तार
बिहार: नवादा जिले के सोनसिहारी गांव में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के मामले में प्रशासनिक आदेश के अनुपालन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि जिला स्तर पर पारित आदेश और अनुमंडल दंडाधिकारी के निर्देश के बावजूद नवादा सदर अंचल में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले में संबंधित अंचल अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की जा रही है। सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का था निर्देश यह मामला लोक शिकायत निवारण से संबंधित परिवाद संख्या 9999901250326612575/2A से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिला पदाधिकारी नवादा-सह-द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के न्यायालय में 6 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश के आलोक में सोनसिहारी गांव, नगर थाना क्षेत्र और नवादा सदर अंचल की सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था। संबंधित भूमि का विवरण थाना संख्या 433, खाता संख्या 830, खेसरा संख्या 2519 और रकबा 1.15 डिसमिल बताया गया है। आदेश के अनुपालन के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी, नवादा सदर ने 24 अक्टूबर 2026 को ज्ञापांक 628/गो. जारी किया था। अतिक्रमण हटाने के लिए अधिकारियों की हुई थी प्रतिनियुक्ति निर्देश के अनुसार, 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निर्धारित की गई थी। इसके लिए नगर परिषद नवादा के कार्यपालक पदाधिकारी समीर चौधरी, नवादा सदर की प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी मोनिका सिन्हा और कृषि समन्वयक अभय कुमार को दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था। इसके अतिरिक्त, पुलिस उपाधीक्षक, रक्षित पुलिस केंद्र, नवादा से पर्याप्त संख्या में पुरुष और महिला पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। अंचल अधिकारी, नवादा सदर और नगर थाना प्रभारी को भी मौके पर भ्रमणशील रहकर विधि-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन से कार्रवाई की मांग आरोप है कि निर्धारित तिथि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हुई और संबंधित सरकारी भूमि पर अतिक्रमण बरकरार है। स्थानीय लोगों ने इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने की मांग की है। हालांकि, अंचल अधिकारी की ओर से कार्रवाई नहीं होने के कारणों और इस संबंध में प्रशासन का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है। मामले में वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
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