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बिहार: गणतंत्र दिवस व वसंतोत्सव पर मॉडर्न इंग्लिश स्कूल का सभागार देशभक्ति से गूंज उठा 

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बिहार  Published by: Sanjay Kumar Verma , Date: 21/01/2026 05:39:11 pm Share:
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  • 21/01/2026 05:39:11 pm
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संक्षेप

बिहार: मॉडर्न इंग्लिश स्कूल न्यू एरिया नवादा के बहुद्देश्यीय सभागार में गणतंत्र दिवस एवं वसंतोत्सव के पावन अवसर पर दो सत्रों में आयोजित भव्य सांस्कृतिक समारोह ने सम्पूर्ण विद्यालय परिसर को देशभक्ति एवं वसंतोत्सव की आध्यात्मिक ऊर्जा के उज्ज्वल आलोक से आलोकित कर दिया।

विस्तार

बिहार: मॉडर्न इंग्लिश स्कूल न्यू एरिया नवादा के बहुद्देश्यीय सभागार में गणतंत्र दिवस एवं वसंतोत्सव के पावन अवसर पर दो सत्रों में आयोजित भव्य सांस्कृतिक समारोह ने सम्पूर्ण विद्यालय परिसर को देशभक्ति एवं वसंतोत्सव की आध्यात्मिक ऊर्जा के उज्ज्वल आलोक से आलोकित कर दिया। विद्यालय के सैकड़ों बच्चों ने बढ़-चढ़ कर कार्यक्रम में हिस्सा लेकर कार्यक्रम को अपूर्व सफलता दिलाई। सभागार के सुसज्जित मंच पर कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक डॉ. अनुज कुमार* ने मंगलदीप प्रज्ज्वलित करके किया। उद्घाटन के दौरान विद्यालय के प्राचार्य गोपाल चरण दास एवं उप-प्राचार्य सुजय कुमार ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से मंच को सुशोभित किया।
निदेशक डॉ. कुमार ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, यह हमारी आत्मा में देशप्रेम एवं आध्यात्मिक भावना के बीज बोते हैं और विद्यार्थियों को सृजनशीलता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व का अमूल्य पाठ पढ़ाते हैं। प्राचार्य गोपाल चरण दास ने कहा— "कला और संस्कृति जीवन को सुवासित करने वाले पुष्प हैं 

इनकी सुगंध से विद्यालय का वातावरण सदा महकते रहना चाहिए। प्रथम सत्र (प्रथम शिफ्ट) की प्रस्तुतियों में कला और भावना का अद्भुत संगम दिखाई दिया। ‘स्वागत गीत’ में  साक्षी, परी, अनमोल, राजनंदनी, रिद्धिमा और तूली के मधुर स्वरों ने वातावरण को सुरम्य बना दिया। आराध्या, इशा, खुशी, नव्या और सुप्रिया 'राम नाम के साबुन से‘ समूह-गीत अपने लयात्मक सौंदर्य और भाव-प्रवण अभिव्यक्ति के लिए विशेष प्रशंसा का पात्र बना। सान्वी, रिया, चाहत, अनन्या, सिंड्रेला, सृष्टि, आश्रया, आकांक्षा, मुस्कान, प्रिया, पूर्णिमा, अंशु और परी एवं समूह की नृत्य-प्रस्तुति ‘मर्द मराठा' में लोकलय की चपलता और देशी रंग की प्रखर छटा थी। अंश अभिज्ञान, अमर एवं समूह  का देशभक्ति नृत्य 'बहे खून मेरा' सबको मंत्रमुग्ध कर गया। लिशा, समृद्धि, सान्वी, सुमन और यशस्वी द्वारा प्रस्तुत 'ऐ वतन- वतन आबाद रहे तू' सामूहिक नृत्य संगीत, भक्ति और भाव से ओत-प्रोत रहा। प्रथम सत्र के समापन पर सत्यम,श्रेयस्कर एवं निशांत के देशभक्ति के गीत मेरा रंग दे वसंती चोला  ने समां बांध दिया।

द्वितीय सत्र (द्वितीय शिफ्ट) की प्रस्तुतियाँ भी अद्वितीय रहीं। ‘जहाँ डाल-डाल पर सोने’ में अनमोल और मोहन  ने अपने मनमोहक आवाज से अपनी ओर आकर्षित किया। 'गली-गली में आज चाँद निकला' में अनुराधा ने अपनी मृदुल स्वर-लहरियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अनुराधा, प्रिया,राखी एवं ग्रुप  का ‘पंछी सूर में गाते हैं’ गीत, मानो लय और गति का जीवंत चित्र बन गया। स्वास्तिक, आयुष, आकाश, अक्षत, अर्पण, अंकुश और आवेश’ का 'मेरा रंग दे बसंती चोला' प्रस्तुति-गान राष्ट्रभक्ति और श्रद्धा का अनुपम उदाहरण था। सान्वी, अंजलि, खुशी, अनुष्का और अनुप्रिया की 'आपन देशवा के माटी' नृत्य-प्रस्तुति ने मंच को अलौकिक उत्साह से अनुप्राणित कर दिया। अंतिम प्रस्तुति ‘माये भवानी’ में स्नेहा और रानी आदि की भाव-भंगिमाएँ दर्शकों के हृदय को छू गईं।

 कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को स्मृति-चिह्न स्वरूप मेडल देकर सम्मानित किया गया। मंच-संचालन में आलोक, विनायक, साक्षी, सलोनी, ईशान्वी, प्रज्ञा, केशव, अंशु,शिवानी, आराध्या ने अपनी सुगठित भाषा और भाव-गाम्भीर्य से पूरे कार्यक्रम को अनुशासित और रोचक बनाए रखा। देशप्रेम की लहरों में डूबे इस आयोजन का समापन राष्ट्रगान की सामूहिक गूँज के साथ हुआ, जब पूरा सभागार एक स्वर में "जन-गण-मन" गा रहा था, तब वातावरण देशभक्ति के अनन्त प्रकाश से आलोकित हो उठा। उपस्थित दर्शकों ने कार्यक्रम को खुले दिल से सराहा और नन्हे-मुन्ने कलाकारों के बेहतरीन प्रस्तुतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।  कार्यक्रम को सफल बनाने में मॉडर्न इंगलिश स्कूल के संगीत शिक्षकों पुरुषोत्तम सर, पवन सर, अनिल सर के साथ-साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं अंजना दीक्षित, अनुमेहा कुमारी, वंदना कुमारी,  विपुल कुमार सिंह, मुकेश कुमार, ,चंद्रदीप प्रसाद आदि की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही।