-
☰
No image found.
Cyber Crime: साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का हुआ पर्दाफाश, 300 खातों के जरिए होती थी करोड़ो की ठगी
- Photo by : social media
संक्षेप
छत्तीसगढ़: दुर्ग जिले में साइबर फ्रॉड अब एक संगठित नेटवर्क का रूप ले चुका है, जहां ठग आम लोगों को मामूली कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए कर रहे हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि सैकड़ों बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया जा रहा हैं।
विस्तार
छत्तीसगढ़: दुर्ग जिले में साइबर फ्रॉड अब एक संगठित नेटवर्क का रूप ले चुका है, जहां ठग आम लोगों को मामूली कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए कर रहे हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि सैकड़ों बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया जा रहा हैं।मोहन नगर, सुपेला, वैशाली नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों में 300 से ज्यादा खातों का उपयोग सामने आया है। मोहन नगर में एक केस में 111 खातों के जरिए बड़े लेवल पर ठगी हुई हैं, जबकि दूसरे मामले में 22 खातों से 10 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की गई हैं। सुपेला क्षेत्र में 105 खातों के जरिए 1 करोड़ रुपये से ज्यादा के फर्जी ट्रांजेक्शन पाए गए हैं, जो इस नेटवर्क की गहराई को दर्शाते हैं। वैशाली नगर में 111 खातों से करीब 22 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन का डाटा मिला हैं, जिसे ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग से जोड़ा जा रहा है। पद्मनाभपुर में भी फर्जी तरीके से खाते खोलकर अवैध ट्रांजेक्शन किए जाने के मामले सामने आए हैं। कार्रवाई करते हुए दुर्ग पुलिस ने अब तक 11.84 करोड़ रुपये की राशि खातों में होल्ड करवाई है, जबकि करीब 6.90 करोड़ रुपये कोर्ट के आदेश से रोक दिए गए हैं। सावधानी जरूरी पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे अपने बैंक खाते या एटीएम किसी के साथ शेयर न करें, आसान कमाई के लालच में न आएं और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तुरंत बैंक या पुलिस को दें। जांच में चुनौती ठग पैसे को कई स्तरों में अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करते हैं, जिससे असली आरोपी तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। अक्सर जांच शुरुआती लेवल तक ही सीमित रह जाती है। अकाउंट होल्डर भी फंस रहे जांच में यह भी सामने आया है कि जो लोग लालच में आकर अपने खाते ठगों को देते हैं, वही बाद में आरोपी बन जाते हैं। पुलिस ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के साथ जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है। एसएसपी विजय अग्रवाल के मुताबिक, म्यूल अकाउंट साइबर अपराध की रीढ़ बन चुके हैं और इन पर रोक लगाने के लिए सख्ती के साथ लोगों की सतर्कता बेहद जरूरी है।
