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झारखंड: अवैध बंदोबस्ती रद्द करने की मांग, एसटी ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

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झारखंड  Published by: Surendra Chaubey , झारखंड  Edited By: Kunal, Date: 19/06/2026 10:31:37 am Share:
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  • Edited By.: Kunal,
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  • 19/06/2026 10:31:37 am
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संक्षेप

झारखंड: अवैध बंदोबस्त गैर मजरूआ  भूमि को रद्द करने को लेकर एसटी जाति के  ग्रामीण रैयतों ने अंचल अधिकारी को सौंपा ज्ञापन . मगध कोल माइंस, लातेहार झारखंड 
18 जून 2026  मौजा गोलीटांड अमरवाड़ीह फुलवसिया,

विस्तार

झारखंड: अवैध बंदोबस्त गैर मजरूआ  भूमि को रद्द करने को लेकर एसटी जाति के  ग्रामीण रैयतों ने अंचल अधिकारी को सौंपा ज्ञापन . मगध कोल माइंस, लातेहार झारखंड 
18 जून 2026  मौजा गोलीटांड अमरवाड़ीह फुलवसिया, अंचल बारियातु के मूल निवासी अनुसूचित जनजाति के ग्रामीणों ने बाहर से आकर ग्रामीणों के संयुक्त स्वामित्व वाले गैर मजरूआ  भूमि को अवैध रूप से बंदोबस्त कराने वाले रैयत की जमाबंदी को रद्द करने के लिए अंचल अधिकारी बारियातु को हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन सोंपा गया। मौजा अमरवाड़ीह फुलबसिया में प्रखंड से बाहर के निवासी मो. निजाम कुरैशी, पिता मोहम्मद मूसा कुरैशी बालूमाथ निवासी गैर मजरूआ(जी एम लैंड) भूमि पुराना खाता सी एस-121,और आर एस नया खाता संख्या -324 में से रकवा14 एकड़ 26 डिसमिल भूमि को फर्जी तरीके से अपने नाम से बंदोबस्त करवा लिया है जबकि निजाम कुरैशी का इस जमीन पर कभी भी जोत आबाद दखल कब्जा नहीं रहा है। मगध कोल माइंस सीसीएल लिमिटेड से मुआवजा राशि और नौकरी पाने के लिए रुपए के बदौलत अंचल अधिकारी कार्यालय से मिली भगत करके भूमि बंदोबस्त करवा लिया है।

 उपरोक्त भूमि पर गंझु जनजातियों का छोटानागपुर खूंटकटी एक्ट 1869 के तहत सामूहिक अधिकार है, इन्हीं जनजाति के पूर्वजों ने करीब 200 वर्ष पूर्व जंगलों को साफ करके खेती योग्य बनाया था। इस प्रकार की भूमि को भुईंहरि जमीन कहा जाता है जो छोटा नागपुर टेनेंसी एक्ट 1908 की धारा 48 मैं स्पष्ट लिखा है कि इस प्रकार की जमीन की बिक्री  और स्वामित्व का ट्रांसफर नहीं हो सकता है। सरकार के रोक के बावजूद भी नजाम कुरैशी ने अंचल कार्यालय के मिली भगत से अवैध रूप से बंदोबस्त करवा लिया है।अमरवाड़ीह  फूलबसिया निवासी रैयत ग्रामीण श्री प्रदीप गंझू, श्री बबलू गंझू, श्री सागर गंझू, श्री विष्णु देव गंझू, श्री सोमनाथ गंझू, श्री शीतल गंझू, श्री बिंदेश्वर गंझू, श्री नारायणगंझू, श्री करमगंझू, श्री राजेश गंझू, श्री रामदेव गंझू, सहित सैकड़ो ग्रामवासीयों ने भूतपूर्व मौजा के जमींदार अमृत गंझू के वंशजो के साथ मिलकर बंदोबस्ती रद्द करने के लिए अंचल अधिकारी को ज्ञापन सौंपे। निजाम कुरैशी के कागजातों की जांच करने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि अंचल कार्यालय और भू माफियाओं का नेक्सस अमरवाड़ी मौज के भूमि पर अवैध कब्जा और हड़पने के लिए सक्रिय है। इस मौजा के ग्रामीण पूर्व से भी भू -माफियाओं और अंचल कार्यालय की गठजोड़ के गलत कारनामों से परेशान है।