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उत्तर प्रदेश: आंवला में बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर पर छापा, 20 हजार की दवाएं हुई सीज

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उत्तर प्रदेश  Published by: Chhatra Pal , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 19/06/2026 10:24:24 am Share:
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: आंवला में अवैध रूप से दवा कारोबार करने वालों के खिलाफ औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोर पर छापा मार दिया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: आंवला में अवैध रूप से दवा कारोबार करने वालों के खिलाफ औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोर पर छापा मार दिया। कार्रवाई के दौरान हजारों रुपये की दवाएं जब्त की गईं और संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। औषधि विभाग को सूचना मिली थी कि आंवला क्षेत्र में बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर चलाकर दवाओं की बिक्री की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीएम अविनाश सिंह और सहायक आयुक्त औषधि, बरेली मंडल ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देशों के क्रम में औषधि निरीक्षक राजेश कुमार और अनामिका अंकुर जैन की संयुक्त टीम ने मोहल्ला खेड़ा नई बस्ती में नितिन साइकिल स्टोर के सामने संचालित मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की। यह प्रतिष्ठान सचिन पाल पुत्र राम किशन पाल द्वारा संचालित किया जा रहा था। लाइसेंस मांगा तो नहीं दिखा सका संचालक जांच के दौरान टीम ने मेडिकल स्टोर संचालक से औषधि विक्रय का लाइसेंस और अन्य अभिलेख मांगे। हालांकि संचालक कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका।

इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध दवाओं की गहन जांच शुरू कर दी। निरीक्षण में मेडिकल स्टोर पर बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं रखी मिलीं। बिना लाइसेंस दवा बिक्री पाए जाने पर करीब 20 हजार रुपये मूल्य की दवाओं को नियमानुसार फॉर्म-16 पर सीज कर दिया गया। विभागीय कार्रवाई के बाद इलाके में अन्य अवैध दवा कारोबारियों में भी खलबली मच गई। संदिग्ध दवाओं के नमूने लैब रवाना कार्रवाई के दौरान दो दवाएं संदिग्ध पाई गईं। अधिकारियों ने उनके नमूने लेकर विधिक प्रक्रिया के तहत सील किया और उन्हें गुणवत्ता परीक्षण एवं विश्लेषण के लिए राजकीय औषधि प्रयोगशाला भेज दिया। अब जांच रिपोर्ट से दवाओं की वास्तविक गुणवत्ता का खुलासा होगा। औषधि विभाग ने साफ किया है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट प्राप्त होने और विवेचना पूरी होने के बाद संबंधित के खिलाफ माननीय न्यायालय में परिवाद दाखिल किया जाएगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि बिना लाइसेंस दवा बिक्री करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।