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मध्य प्रदेश: मंत्री उदय प्रताप सिंह ने किसानों को योजनाओं से किया लाभांवित, दलहनी फसलों को बढ़ावा देने पर जोर
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: प्रदेश शासन के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के मुख्य आतिथ्य में शुक्रवार को गाडरवारा में संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत शिविर सम्पन्न हुआ। मंत्री सिंह व अन्य अतिथियों ने शासन की संचालित वि
विस्तार
मध्य प्रदेश: प्रदेश शासन के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के मुख्य आतिथ्य में शुक्रवार को गाडरवारा में संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत शिविर सम्पन्न हुआ। मंत्री सिंह व अन्य अतिथियों ने शासन की संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को लाभान्वित किया गया। उन्होंने यहां नरवाई प्रबंधन के लिए 5 सुपर सीडर, 5 बैटरी स्प्रेयर और 5 किसानों को स्वाइन हेल्थ कार्ड का वितरण किया। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा, कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह, सीईओ जिला पंचायत गजेन्द्र सिंह नागेश, मुकेश मरैया, डॉ. योगेश कौरव, कमल खटीक, चंद्रकांत शर्मा नरेश कौरव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, उप संचालक कृषि मोरिस नाथ, अधिकारी- कर्मचारी हितग्राही और गणमान्य नागरिक मौजूद थे। आयोजित शिविर में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा स्टॉल लगाया गया। किसानों को नरवाई प्रबंधन, ई-विकास उर्वरक वितरण प्रणाली, एक जिला एक उत्पाद, ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर उड़द फसल को प्रोत्साहन की जानकारी दी। किसानों को दलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। किसानों को बताया कि सरकार द्वारा एमएसपी के अतिरिक्त 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। उड़द की उन्नत किस्म का बीज जिले के सभी विकासखंड कार्यालयों एवं कृषि विस्तार अधिकारी क्षेत्र में भी शासकीय अनुदान पर उपलब्ध है। कार्यक्रम में कृषको ने अवगत कराया कि मूंग में एक एकड़ में 4 से 5 क्विंटल उत्पादन होता है जबकि उड़द में 8 से 10 क्विंटल उत्पादन होता है। मूंग फसल में लगभग 5 से 6 बार कीटनाशक दवा का छिड़काव करना पडता है, जबकि उड़द की फसल में 2 से 3 बार ही कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जाता है। मूंग की जगह उड़द फसल में पानी की भी कम आवश्यकता होती है। किसानों ने बताया कि मूंग फसल से अधिक मुनाफा उड़द की फसल में होता है।