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मध्य प्रदेश: झुंडपुरा स्कूल का औचक निरीक्षण, संभागायुक्त-कलेक्टर ने बच्चों से लिया पढ़ाई का फीडबैक
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संक्षेप
मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित जनविश्वास अभियान के तहत चंबल संभागायुक्त सुरेश कुमार और मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने शुक्रवार को झुंडपुरा स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया।
विस्तार
मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित जनविश्वास अभियान के तहत चंबल संभागायुक्त सुरेश कुमार और मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने शुक्रवार को झुंडपुरा स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश कुमार भार्गव भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ कक्षा 5 के विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। अधिकारियों ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, स्कूल में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित होने, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित होती हैं। कुछ विद्यार्थियों ने अधिकारियों को बताया कि वे स्कूल की पढ़ाई के साथ निजी ट्यूशन का भी सहारा लेते हैं। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों के मार्गदर्शन का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया। कलेक्टर ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है और मेहनत, लगन एवं अनुशासन के साथ पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं। वहीं, संभागायुक्त सुरेश कुमार ने विद्यार्थियों से सामान्य गणित के प्रश्न पूछकर उनकी शैक्षणिक क्षमता का आकलन किया। उन्होंने विद्यार्थियों की पाठ्यपुस्तकों का भी अवलोकन किया और उनकी पढ़ाई की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों से संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय में पेयजल की समस्या और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता बताई। विद्यार्थियों की शिकायत पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को विद्यालय में पेयजल व्यवस्था को जल्द सुचारु कराने के निर्देश दिए। साथ ही मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ स्वच्छ पेयजल, पौष्टिक मध्यान्ह भोजन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। इन व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित जनविश्वास अभियान के तहत चंबल संभागायुक्त सुरेश कुमार और मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने शुक्रवार को झुंडपुरा स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश कुमार भार्गव भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ कक्षा 5 के विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। अधिकारियों ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, स्कूल में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित होने, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित होती हैं। कुछ विद्यार्थियों ने अधिकारियों को बताया कि वे स्कूल की पढ़ाई के साथ निजी ट्यूशन का भी सहारा लेते हैं। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों के मार्गदर्शन का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया। कलेक्टर ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है और मेहनत, लगन एवं अनुशासन के साथ पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं। वहीं, संभागायुक्त सुरेश कुमार ने विद्यार्थियों से सामान्य गणित के प्रश्न पूछकर उनकी शैक्षणिक क्षमता का आकलन किया। उन्होंने विद्यार्थियों की पाठ्यपुस्तकों का भी अवलोकन किया और उनकी पढ़ाई की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों से संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय में पेयजल की समस्या और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता बताई। विद्यार्थियों की शिकायत पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को विद्यालय में पेयजल व्यवस्था को जल्द सुचारु कराने के निर्देश दिए। साथ ही मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ स्वच्छ पेयजल, पौष्टिक मध्यान्ह भोजन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। इन व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
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