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राजस्थान: रामगंज के राजकीय बालिका विद्यालय में कथक नृत्य कार्यशाला आयोजित

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राजस्थान  Published by: Sameer Khan , राजस्थान  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 24/10/2026 04:40:50 pm Share:
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  • 24/10/2026 04:40:50 pm
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संक्षेप

राजस्थान: अजमेर कथक कला केंद्र एवं विविधा कला एवं सांस्कृतिक संस्था के तत्वावधान में 24 अक्टूबर 2026 को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामगंज, अजमेर में एक दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला का आयोजन किया गया।

विस्तार

राजस्थान: अजमेर कथक कला केंद्र एवं विविधा कला एवं सांस्कृतिक संस्था के तत्वावधान में 24 अक्टूबर 2026 को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामगंज, अजमेर में एक दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक की बारीकियों से परिचित कराना तथा भारतीय कला एवं संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यशाला में अजमेर कथक कला केंद्र की निदेशक सुश्री दृष्टि रॉय ने छात्राओं को कथक नृत्य की विभिन्न मुद्राओं, भाव-भंगिमाओं तथा इसके क्रियात्मक एवं कलात्मक पक्षों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नृत्य भारतीय समाज की आत्मा है, जो धर्म, कला और जीवन को आपस में जोड़ता है। भारतीय संस्कृति में नृत्य का अत्यंत आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है। यह केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुभूति, कलात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक विरासत को संजोने का सशक्त माध्यम भी है।

अजमेर कथक कला केंद्र द्वारा अपनी स्थापना के 15 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विभिन्न विद्यालयों में कथक नृत्य कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में रामगंज स्थित विद्यालय में आयोजित इस कार्यशाला में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला के दौरान छात्राओं को कथक नृत्य की प्रारंभिक जानकारी देने के साथ ही इसकी पारंपरिक विशेषताओं से अवगत कराया गया तथा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. संदीप अवस्थी तथा अजमेर कथक कला केंद्र के वरिष्ठ सदस्य कृष्ण सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम से पूर्व प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा ने केंद्र की निदेशक दृष्टि रॉय का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यशाला में विद्यालय की छात्राओं, शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं सहित अजमेर कथक कला केंद्र के पदाधिकारियों की सहभागिता रही। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा से जोड़ना तथा कला एवं संस्कृति के प्रति रुचि विकसित करना रहा।