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उत्तर प्रदेश: रबी फसलों के बीज पर मिलेगा अनुदान, मसूर की नई प्रजाति पर 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 24/10/2026 03:05:37 pm Share:
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  • Published by.: Irshad Ahmad ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 24/10/2026 03:05:37 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: रबी सीजन 2026-27 में किसानों को उन्नत प्रजातियों के बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग की ओर से अनुदान की व्यवस्था की गई है। इसके तहत गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, तोरिया और राई-सरसों के बीज पर निर्धारित दरों के अ

विस्तार

उत्तर प्रदेश: रबी सीजन 2026-27 में किसानों को उन्नत प्रजातियों के बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग की ओर से अनुदान की व्यवस्था की गई है। इसके तहत गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, तोरिया और राई-सरसों के बीज पर निर्धारित दरों के अनुसार अनुदान दिया जाएगा। उप कृषि निदेशक अशोक कुमार ने किसानों से योजना का लाभ उठाने के लिए समय से बीज की बुकिंग कराने की अपील की है। उप कृषि निदेशक के अनुसार, योजना का उद्देश्य किसानों को उन्नत प्रजातियों के बीज उपलब्ध कराकर खेती की उत्पादकता बढ़ाने में मदद करना है। बीज पर मिलने वाली सहायता फसल और प्रजाति के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है। किसानों को अनुदान के बाद निर्धारित शेष राशि जमा करके बीज प्राप्त करना होगा।  गेहूं और जौ के बीज पर भी अनुदान 
रबी सीजन में गेहूं की नई प्रजातियों, जिनकी अवधि 10 वर्ष से कम है, पर प्रति क्विंटल 2600 रुपये अनुदान निर्धारित होने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, 4738 रुपये प्रति क्विंटल कीमत वाले बीज पर अनुदान के बाद किसान को 2369 रुपये देने होंगे। वहीं, 10 वर्ष से अधिक पुरानी प्रजातियों पर प्रति क्विंटल 1300 रुपये की सहायता निर्धारित है।

जौ की खेती करने वाले किसानों को भी राहत मिलेगी। इसके तहत नई प्रजातियों पर प्रति क्विंटल 3000 रुपये और पुरानी प्रजातियों पर 1500 रुपये अनुदान दिया जाएगा।
चना और मटर के बीज पर मिलेगी आर्थिक मदद  दलहनी फसलों में चना और मटर के बीज पर भी अनुदान की व्यवस्था की गई है। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, चने की एक प्रजाति के 9500 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य वाले बीज पर 6000 रुपये की सहायता मिलने के बाद किसान को 3500 रुपये देने होंगे। दूसरी प्रजाति पर 4000 रुपये अनुदान के बाद किसान को 5500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान करना होगा। इसी तरह मटर के बीज पर भी अनुदान दिया जाएगा। 7670 रुपये प्रति क्विंटल कीमत वाले बीज पर 5753 रुपये की सहायता के बाद किसान को 1918 रुपये देने होंगे। दूसरी प्रजाति के बीज पर 3835 रुपये अनुदान के बाद निर्धारित शेष राशि किसान को जमा करनी होगी। मसूर की नई प्रजाति पर 100 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान 

दलहनी फसलों में मसूर के बीज पर विशेष अनुदान की जानकारी दी गई है। उप कृषि निदेशक के अनुसार, मसूर की नई प्रजाति पर 100 प्रतिशत तक अनुदान निर्धारित है। उपलब्ध विवरण में 10948 रुपये प्रति क्विंटल कीमत वाले बीज की पूरी राशि सरकार की ओर से दिए जाने की बात कही गई है। वहीं, दूसरी प्रजाति पर 9000 रुपये अनुदान के बाद किसान को 2737 रुपये देने होंगे। तोरिया और राई-सरसों के बीज पर भी अनुदान 
तिलहनी फसलों की खेती करने वाले किसानों को भी योजना के तहत सहायता मिलेगी। तोरिया के 11783 रुपये प्रति क्विंटल कीमत वाले बीज पर 5500 रुपये अनुदान के बाद किसान को 6283 रुपये देने होंगे। इसी प्रकार राई-सरसों के 12854 रुपये प्रति क्विंटल कीमत वाले बीज पर 5500 रुपये अनुदान निर्धारित है। इसके बाद किसान को 7354 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान करना होगा। राजकीय बीज भंडार पर भी करा सकते हैं बुकिंग 

उप कृषि निदेशक अशोक कुमार ने किसानों से अपनी आवश्यकता के अनुसार कृषि विभाग के पोर्टल पर बीज की बुकिंग कराने की अपील की है। उन्होंने बताया कि यदि पोर्टल पर अधिक व्यस्तता के कारण ऑनलाइन बुकिंग में परेशानी हो रही है तो किसान अपने विकासखंड में उपलब्ध राजकीय बीज भंडार पर जाकर भी बुकिंग करा सकते हैं।
उन्होंने किसानों से आधार कार्ड और खतौनी साथ लेकर नजदीकी राजकीय बीज भंडार पर संपर्क करने को कहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि बीज की उपलब्धता, संबंधित प्रजाति की दर और लागू अनुदान की जानकारी प्राप्त करने के बाद ही बुकिंग कराएं, ताकि रबी सीजन की बुवाई के लिए समय से बीज उपलब्ध हो सके।


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