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उत्तर प्रदेश: बंगाली कल्चरल सोसाइटी ने हर्षोल्लास से मनाई विजयादशमी, नम आंखों से दी मां दुर्गा को विदाई

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उत्तर प्रदेश  Published by: Shekhar Singh , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 24/10/2026 05:08:43 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal Tewatia,
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  • 24/10/2026 05:08:43 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: इंदिरापुरम बंगाली कल्चरल सोसाइटी (IBCS) द्वारा आयोजित इस वर्ष की दुर्गा पूजा का समापन विजयादशमी के पावन अवसर पर 21 अक्टूबर को श्रद्धा, उल्लास और भावनाओं से भरे वातावरण में हुआ।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: इंदिरापुरम बंगाली कल्चरल सोसाइटी (IBCS) द्वारा आयोजित इस वर्ष की दुर्गा पूजा का समापन विजयादशमी के पावन अवसर पर 21 अक्टूबर को श्रद्धा, उल्लास और भावनाओं से भरे वातावरण में हुआ। छह दिवसीय दुर्गा पूजा उत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं ने नम आँखों से माँ दुर्गा को विदाई दी और अगले वर्ष पुनः आगमन का आमंत्रण दिया। इस वर्ष IBCS द्वारा दुर्गा पूजा का आयोजन सत्यम हेरिटेज फार्म, कानवानी गाँव के पास किया गया, जहाँ पूरे उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में सदस्यों, उनके परिवारों एवं अतिथियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विजयादशमी के अवसर पर सुबह से ही पूजा स्थल पर श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद बंगाली परंपरा के अनुसार महिलाओं ने सिंदूर खेला में भाग लिया और एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख, समृद्धि एवं अखंड सौभाग्य की कामना की।

माँ की विदाई भावुक करती है, लेकिन विश्वास है कि अगले वर्ष माँ फिर आएंगी IBCS की महिला टीम की ओर से रीना मजूमदार एवं रूपा देब रॉय ने कहा विजयादशमी हमारे लिए खुशी और भावनाओं का अनूठा संगम है। माँ दुर्गा की विदाई के समय मन भावुक हो जाता है, लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि माँ अगले वर्ष फिर हमारे बीच आएंगी। IBCS का उद्देश्य केवल दुर्गा पूजा का आयोजन करना नहीं है, बल्कि बंगाली संस्कृति, परंपरा और हमारी समृद्ध विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना भी है। पूरे पूजा उत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ बच्चों एवं सदस्यों के लिए विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह के कार्यक्रमों में क्विज, म्यूजिकल चेयर, ड्राइंग, टंग ट्विस्टर, फैंसी ड्रेस सहित कई प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं।

वहीं, शाम को IBCS के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत इन-हाउस सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। सदस्यों ने नृत्य, संगीत एवं अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही बाहरी कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का मनोरंजन किय पूजा के दौरान प्रतिदिन श्रद्धालुओं एवं सदस्यों के लिए भोग प्रसाद की व्यवस्था की गई, जिसमें सभी ने सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण किया। बंगाली संस्कृति और परंपरा का संरक्षण BCS पिछले कई वर्षों से इंदिरापुरम क्षेत्र में दुर्गा पूजा का आयोजन करता आ रहा है। संस्था का मुख्य उद्देश्य पूजा के साथ-साथ बंगाली कला, संस्कृति, संगीत, नृत्य एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों को जीवंत रखना तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है।

विजयादशमी के अवसर पर माँ दुर्गा की प्रतिमा का पारंपरिक विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। विसर्जन यात्रा में IBCS के सदस्यों एवं उनके परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। “बोलो दुर्गा माई की जय” और “आश्छे बोछोर आबार होबे” के जयघोष के बीच माँ दुर्गा को भावभीनी विदाई दी गई। IBCS कार्यकारिणी समिति ने इस अवसर पर सभी सदस्यों, स्वयंसेवकों, प्रायोजकों, सहयोगियों एवं अतिथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग, सहभागिता और समर्पण से इस वर्ष की दुर्गा पूजा सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी। माँ दुर्गा से यही प्रार्थना है कि उनका आशीर्वाद हम सभी पर सदैव बना रहे और समाज में सुख, शांति, समृद्धि एवं भाईचारा कायम रहे।