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उत्तर प्रदेश: अदालत ने कहा जघन्य अपराध में नरमी नहीं बरती जा सकती

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उत्तर प्रदेश  Published by: Prvin Kumar , Date: 07/02/2026 01:30:30 pm Share:
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  • 07/02/2026 01:30:30 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद रफी की अदालत ने हत्या के एक मामले में सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को अदालत ने लंबे समय से विचाराधीन इस मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की

विस्तार

सजा सुनाई। दोषी पर अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला थाना लोटन क्षेत्र के भिटपरा गांव से संबंधित है। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी अब्दुल मतीन पुत्र मोहम्मद शमीम को गिरफ्तार किया था। वर्षों तक चली सुनवाई के दौरान अदालत में कई गवाहों के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य और परिस्थितिजन्य प्रमाण प्रस्तुत किए गए। इन सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने अब्दुल मतीन को हत्या का दोषी पाया। 

अदालत ने अपने फैसले में टिप्पणी की कि हत्या जैसे जघन्य अपराधों में नरमी समाज के लिए घातक हो सकती है। ऐसे मामलों में सख्त सजा आवश्यक है, ताकि कानून का भय बना रहे और भविष्य में ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति न हो। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि साक्ष्य मजबूत होने पर दोषी को सजा से नहीं बचाया जा सकता, भले ही मामला कितना भी पुराना हो! इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्र प्रकाश पाण्डेय ने पैरवी की। उन्होंने गवाहों के बयानों और दस्तावेजी साक्ष्यों को अदालत के सामने प्रस्तुत किया, जिससे मामले की सभी कड़ियां स्पष्ट हुईं। अदालत ने उनकी दलीलों को महत्वपूर्ण मानते हुए अपना निर्णय सुनाया।