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उत्तर प्रदेश: बरेली में अतिक्रमण पर सख्ती, 380 से ज्यादा निर्माण पर बुलडोजर की चेतावनी

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उत्तर प्रदेश  Published by: Chhatra Pal , Date: 24/03/2026 05:56:25 pm Share:
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश:  शहर में बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए सीबीगंज क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। रामपुर रोड किनारे सरकारी जमीन पर बनी करीब 80 दुकानों और खलीलपुर रोड प

विस्तार

उत्तर प्रदेश:  शहर में बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए सीबीगंज क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। रामपुर रोड किनारे सरकारी जमीन पर बनी करीब 80 दुकानों और खलीलपुर रोड पर अतिक्रमण कर बनाए गए लगभग 300 मकानों को लेकर नगर निगम ने अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सात दिन के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त कर दिए जाएंगे। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक रामपुर रोड के चौड़ीकरण कार्य में अवैध कब्जे सबसे बड़ी बाधा बन रहे हैं। संपत्ति विभाग द्वारा गाटा संख्या 128 की जांच के दौरान पाया गया कि कई लोगों ने सरकारी जमीन पर टिनशेड डालकर दुकानों का निर्माण कर लिया है। इस वजह से सड़क चौड़ीकरण का काम प्रभावित हो रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी कब्जाधारकों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उन्होंने केवल अस्थायी अतिक्रमण हटाकर औपचारिकता निभाई। इसके बाद भी सरकारी जमीन पर कब्जा बना रहा। अब नगर निगम ने आयुष गुप्ता, अमित गुप्ता समेत अन्य लोगों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए सात दिन का समय दिया है। चेतावनी दी गई है कि तय समयसीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो नगर निगम की टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगी। इसी क्रम में सौरभ गुप्ता और गौरव गुप्ता द्वारा भी सरकारी जमीन पर टिनशेड और लोहे के ढांचे बनाकर कब्जा किए जाने की पुष्टि हुई है। जांच में करीब तीन मीटर जमीन पर अभी भी अतिक्रमण पाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि को हर हाल में कब्जा मुक्त कराया जाएगा।
उधर, खलीलपुर रोड पर अतिक्रमण कर बनाए गए करीब 300 मकानों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। नगर निगम की टीम ने पहले ही इन मकानों की पैमाइश कर कई स्थानों पर लाल निशान लगा दिए थे। इसके बावजूद लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। मंगलवार को नगर निगम की टीम दोबारा मौके पर पहुंची और लोगों से जमीन से जुड़े दस्तावेज मांगे।

टीम ने मकान मालिकों को चेतावनी दी कि यदि वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए तो अतिक्रमण मानते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद अवैध कब्जों को हटाने के लिए ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान नगर निगम ने कई प्रतिष्ठानों को भी नोटिस जारी किए हैं। इनमें गुप्ता मेडिकल स्टोर, माहेश्वरी मेडिकल स्टोर, ओंकारेश्वर भोजनालय, आहूजा साइकिल स्टोर और प्रगति मेडिकल स्टोर समेत कई दुकानों के नाम शामिल हैं। हाल ही में अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की नोकझोंक भी हुई थी, वहीं नगर निगम की टीम ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और शहर के विकास कार्यों में बाधा बनने वाले किसी भी अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा और तय समयसीमा के बाद सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।