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उत्तर प्रदेश: डीएम अनुपम शुक्ला का एआरटीओ कार्यालय और राजकीय आईटीआई में औचक निरीक्षण, संदिग्ध को पुलिस के हवाले किया

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 18/09/2026 01:02:41 pm Share:
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  • Published by.: Ramkesh Vishwakarma ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 18/09/2026 01:02:41 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: निरीक्षण के दौरान एआरटीओ कार्यालय के गेट के बाहर पर एक संदिग्ध व्यक्ति रामाशीष खरवार को संदेह के आधार पर पूछताछ के दौरान जिलाधिकारी ने थाना में भेज दिया जिलाधिकारी ने पंजीयन कार्य के लिए आए

विस्तार

उत्तर प्रदेश: निरीक्षण के दौरान एआरटीओ कार्यालय के गेट के बाहर पर एक संदिग्ध व्यक्ति रामाशीष खरवार को संदेह के आधार पर पूछताछ के दौरान जिलाधिकारी ने थाना में भेज दिया जिलाधिकारी ने पंजीयन कार्य के लिए आए आवेदकों से सीधे संवाद करते हुए जानकारी ली कि पंजीयन संबंधी निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त उनसे किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क तो नहीं लिया जा रहा है। आवेदकों द्वारा बताया गया कि उनसे कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कार्यालय में आने वाले आमजन को शासन द्वारा निर्धारित शुल्क एवं प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी न होने पाए। जिलाधिकारी ने कार्यालय में प्राप्त आईजीआरएस शिकायतों की स्थिति की भी जांच की। इस दौरान एक निस्तारित शिकायत के संबंध में शिकायतकर्ता आलोक कुमार से दूरभाष पर संपर्क कर जिलाधिकारी ने स्वयं जानकारी प्राप्त की कि उनकी समस्या का निस्तारण समय से एवं संतोषजनक ढंग से हुआ अथवा नहीं। 

शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि उनकी समस्या का समय से निस्तारण किया गया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईजीआरएस सहित जनशिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए तथा निस्तारण के उपरांत शिकायतकर्ता से फीडबैक भी प्राप्त किया जाए। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी के द्वारा लेखाकार कक्ष, डीबीए कक्ष, पंजीयन अनुभाग, सारथी बायोमेट्रिक कक्ष, जनसेवा केंद्र कक्ष, प्रवर्तन कक्ष, हल्के मोटर वाहन संबंधी कार्य कक्ष तथा लाइसेंस अनुभाग का निरीक्षण किया गया। उन्होंने विभिन्न कक्षों में रखी फाइलों एवं अभिलेखों के रख-रखाव की स्थिति देखी तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालय परिसर में साफ-सफाई एवं अभिलेखों को व्यवस्थित ढंग से रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा। 
इसके पश्चात जिलाधिकारी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), गाजीपुर का निरीक्षण करने पहुंचे।

 संस्थान में पहुंचकर उन्होंने अध्यापकों की संख्या, अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या तथा संचालित प्रशिक्षण एवं शिक्षण व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, संस्थान तक आने-जाने, प्रशिक्षण की गुणवत्ता तथा उन्हें होने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से कहा कि वे निडर होकर अपनी समस्याएं बताएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि संस्थानों में व्यवस्थाओं को बेहतर एवं सुगम बनाना है, ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन एवं प्रशिक्षण में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने संस्थान के स्टाफ को भी विद्यार्थियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही जिलाधिकारी ने संस्थान में पाया कि बच्चों के आने जाने वाले रास्ते पर जल जमाव है एवं पानी पीने की हैंडपंप भी खराब है तत्काल जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया इसे तुरंत ठीक करा दे। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। विद्यार्थियों की समस्याओं का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे वे निर्बाध रूप से अपनी पढ़ाई एवं प्रशिक्षण पूरा कर सकें।