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उत्तर प्रदेश: Swami Nikhileshwaranand Madhau Bihari Das के महामंडलेश्वर बनने पर खुर्जा में भव्य सम्मान समारोह आयोजित
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: खुर्जा में जन्मे परम पूज्य श्री 1008 स्वामी निखिलेश्वरानंद माधौ बिहारी दास महाराज जी को षड् दर्शन साधु समाज अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति द्वारा महामंडलेश्वर पद से अलंकृत किए जाने के उपलक्ष्य में रविवार सायं जं
विस्तार
उत्तर प्रदेश: खुर्जा में जन्मे परम पूज्य श्री 1008 स्वामी निखिलेश्वरानंद माधौ बिहारी दास महाराज जी को षड् दर्शन साधु समाज अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति द्वारा महामंडलेश्वर पद से अलंकृत किए जाने के उपलक्ष्य में रविवार सायं जंक्शन रोड स्थित पंचवटी कम्यूनिटी भवन में श्रीजी संकीर्तन मंडल द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। इसके पश्चात विभिन्न स्थानों से पधारे संत-महात्माओं एवं ब्रज रसिकों ने महाराज जी को पटका पहनाकर एवं पुष्पमालाएं अर्पित कर सम्मानित किया। इस अवसर पर महाराज जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सच्चाई, सेवा, तप, त्याग एवं साधना के मार्ग पर चलना चाहिए। दीन-दुखियों की सेवा ही सच्चे धर्म का स्वरूप है तथा ईश्वर की प्राप्ति साधना और भक्ति से ही संभव है। कथा व्यास अतुल कृष्ण महाराज ने कहा कि यह समस्त क्षेत्र एवं सनातन समाज के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। उन्होंने उस मातृशक्ति को भी नमन किया जिसने ऐसे संत को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि संत समाज ही धर्म की स्थापना एवं संरक्षण का आधार है। बरसाना माताजी गौशाला से पधारे सुनील जी ने गौ सेवा एवं गौ माता के सम्मान का संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को गौ संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। कार्यक्रम में विपिन श्याम दीवाना सहित अनेक ब्रज रसिकों ने भजन प्रस्तुत किए, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। उपस्थित श्रद्धालु राधे-कृष्ण के भजनों पर झूम उठे।
ऋषिकेश से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी ब्रह्मानंद महाराज ने कहा कि आज सनातन धर्म की रक्षा एवं संस्कृति के उत्थान के लिए ऐसे संतों का समाज में होना अत्यंत आवश्यक है।
समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया के जिला अध्यक्ष डीसी गुप्ता कांटे वाले ने कहा कि जिस भूमि पर ऐसे संत जन्म लेते हैं वह भूमि स्वयं तीर्थ बन जाती है। खुर्जा सदैव से धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं की भूमि रही है और इसे छोटी काशी के नाम से भी जाना जाता है।
इस अवसर पर विपिन श्याम दीवाना, स्वामी मनुष्य मित्र महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी ब्रह्मानंद महाराज, योगेश आचार्य, सुनील बरसाना, आकाश, भगवान दास सिंघल, शाकुल तायल, चंद्र मोहन मित्तल, डीसी गुप्ता कांटे वाले, बसंत कानोडिया, उमाशंकर अग्रवाल, प्रदीप पंडित, पीयूष अग्रवाल, रोहित अग्रवाल, देवेश कौशिक, अजय कौशल, महेश भार्गव, विकास वर्मा, बकुल तायल, हैप्पी वर्मा, विकास सोनी, विपिन गोयल, साधना अग्रवाल, विपिन सिसोदिया, राम दिवाकर, मोहित कौशिक सहित अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
