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उत्तर प्रदेश: सोनभद्र समेत यूपी के 5 जिलों में लगेंगे आकाशीय बिजली चेतावनी सेंसर, दुद्धी के 32 गांवों में 1.33 करोड़ से बनेगी व्यवस्था

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 19/10/2026 11:08:24 am Share:
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  • Published by.: Ramkesh Vishwakarma ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 19/10/2026 11:08:24 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश:  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जनहानि को कम करने के लिए तकनीक आधारित व्यवस्था मजबूत की जा रही है।इसी क्रम में भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम

विस्तार

उत्तर प्रदेश:  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जनहानि को कम करने के लिए तकनीक आधारित व्यवस्था मजबूत की जा रही है।इसी क्रम में भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) पुणे के मदद से प्रदेश के पांच जिलों में आकाशीय बिजली का पता लगाने वाले सेंसर स्थापित किया जा रहे हैं। एटा, मेरठ, बलरामपुर, लखीमपुर खीरी और सोनभद्र में लग रहे यह सेंसर बिजली गिरने की गतिविधियों का तेजी से पता लगाने और समय रहते चेतावनी जारी करने में मदद करेंगे। इससे लोगों को सतर्क करने और संभावित हादसों से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाने का समय मिल सकेगा। राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, इस पहल का प्रमुख उद्देश्य आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि को कम करना और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को अधिक प्रभावी बनाना है। 

बारिश के मौसम में खेतों में काम करने वाले किसानों, खुले स्थानों पर काम करने वाले मजदूरों, ग्रामीणों और पशु- पालकों को आकाशीय बिजली का सबसे अधिक खतरा रहता है। ऐसे में समय पर चेतावनी मिलने से लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकते हैं। साथ ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों को भी आवश्यक सावधानियां बरतने में मदद मिलेगी। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए सोनभद्र जिले में भी विशेष व्यवस्था की जा रही है। दुद्धी ब्लाक के 32 गांवों में 1.33 करोड़ रुपए की लागत से आकाशीय बिजली की पूर्व चेतावनी के लिए लाईटनिंग डिटेक्शन एवं अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक समय रहते सूचना पहुंचना है, ताकि वह बिजली गिरने की आशंका के दौरान सुरक्षित रहने के लिए जरूरी कदम उठा सकें। राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक उत्तर प्रदेश में आपदा प्रबंधन की रणनीति के तहत केवल घटना के बाद राहत पहुंचाने पर ही नहीं, बल्कि संभावित खतरे का पहले पता लगाने और नुकसान रोकने पर भी जोर दिया जा रहा है। बिजली चेतावनी सेंसर जैसी तकनीक मौसम की निगरानी को बेहतर बनाने में सहायक होगी।

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