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उत्तर प्रदेश: RBI का बड़ा ऐलान डिजिटल फ्रॉड पर 25 हजार रुपये तक मिलेगा मुआवजा

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उत्तर प्रदेश  Published by: Anand Kumar(UP) , Date: 07/02/2026 10:44:55 am Share:
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश:  देशभर में डिजिटल लेन-देन का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और सरकार व नियामक संस्थाएं कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। ऐसे में साइबर फ्रॉड एक गंभीर चुनौती के रूप में उभर कर सामने आया है.

विस्तार

उत्तर प्रदेश:  देशभर में डिजिटल लेन-देन का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और सरकार व नियामक संस्थाएं कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। ऐसे में साइबर फ्रॉड एक गंभीर चुनौती के रूप में उभर कर सामने आया है. अक्सर देखा गया है कि लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं और उन्हें न तो समय पर न्याय मिल पाता है और न ही नुकसान की भरपाई हो पाती है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए अब रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई) ने इस दिशा में ठोस कदम बढ़ाया है. केंद्रीय बैंक की ओर से ऐसी रूपरेखा लाने की तैयारी है, जिसके तहत डिजिटल फ्रॉड के शिकार ग्राहकों को मुआवजा मिल सकेगा. बल्कि डिजिटल भुगतान प्रणाली पर भरोसा भी मजबूत होगा. आरबीआई का यह कदम सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को ऐलान (घोषणा) किया है कि छोटे-मोटे धोखाधड़ी वाले डिजिटल लेन-देन में हुए नुकसान की भरपाई के लिए ग्राहकों को 25000 रूपए तक की क्षतिपूर्ति देने के लिए एक नई रूपरेखा लाई जाएगी। 

चालू वित्त वर्ष की आखिरी मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आरबीआई एक ड्राफ्ट भी जारी करेगा, जिसमें विलंब से क्रेडिट जैसी व्यवस्थाओं और वरिष्ठ नागरिकों जैसे विशेष वर्ग के उपयोगकर्ताओं के लिए अतिरिक्त प्रमाणीकरण उपायों पर विचार किया जाएगा. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि ग्राहकों के हित की सुरक्षा के लिए आरबीआई तीन नई दिशा निर्देशों का मसौदा जारी करेगा. इनमें पहला वित्तीय उत्पादों और सेवाओं की गलत बिक्री से जुड़ा होगा, दूसरा अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजैक्शन मे कस्टमर की देनदारी को सीमित करने से संबंधित होगा. साथ ही तीसरा कर्ज वसूली व वसूली एजेंटों की नियुक्ति और उनके तौर- तरीकों से जुड़ा होगा।