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उत्तर प्रदेश: तीन आईएएस अधिकारियों ने परखी विकास की जमीनी हकीकत, 50 मानकों पर हुई समीक्षा
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: जिले के आकांक्षात्मक विकासखंड बघौली, पौली और सांथा में विकास योजनाओं की प्रगति को परखने के लिए तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। अधिकारियों ने नीति आयोग से जुड़े 50 प्रमुख पैरामीटर के आधार पर विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की स्थिति की समीक्षा की।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: जिले के आकांक्षात्मक विकासखंड बघौली, पौली और सांथा में विकास योजनाओं की प्रगति को परखने के लिए तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। अधिकारियों ने नीति आयोग से जुड़े 50 प्रमुख पैरामीटर के आधार पर विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान कागजों और ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज प्रगति के साथ जमीनी स्थिति का भी मिलान किया गया। विशेष सचिव स्वास्थ्य रवि रंजन, विशेष सचिव आबकारी अभिषेक आनंद और विशेष सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अरविंद सिंह ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनावार प्रगति की जानकारी ली। समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने और योजनाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। 50 संकेतकों पर विकास की हुई पड़ताल आकांक्षात्मक विकासखंडों में विकास की स्थिति का आकलन नीति आयोग के निर्धारित संकेतकों के आधार पर किया गया। समीक्षा में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, पेयजल, पंचायतीराज समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं की प्रगति को शामिल किया गया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों से उपलब्ध आंकड़ों और लक्ष्य के मुकाबले हासिल प्रगति की जानकारी ली। जिन क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिली, वहां सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया गया। ऑनलाइन आंकड़ों का मौके की स्थिति से किया मिलान समीक्षा के दौरान ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज डाटा और धरातल पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति के बीच अंतर के बिंदुओं पर भी ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि पोर्टल पर दर्ज आंकड़े वास्तविक प्रगति के अनुरूप हों। इस दौरान यह भी कहा गया कि केवल आंकड़ों में सुधार पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से पात्र लोगों तक पहुंचना और उसका असर जमीन पर दिखाई देना जरूरी है। स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष जोर स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े संकेतकों की समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। इसी तरह शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयों की स्थिति, कृषि से जुड़ी योजनाओं तथा पेयजल सुविधाओं की प्रगति को भी समीक्षा में शामिल किया गया। पंचायतीराज से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीण स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति पर भी अधिकारियों ने जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूरा करने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। लक्ष्य पूरा करने के साथ गुणवत्ता सुधारने के निर्देश
तीनों अधिकारियों ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि आकांक्षात्मक विकासखंडों में योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की शिथिलता न हो। जिन संकेतकों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, उनमें सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
समीक्षा का मुख्य जोर आंकड़ों में प्रगति दिखाने के बजाय योजनाओं की वास्तविक स्थिति और आम लोगों तक उनके लाभ की पहुंच पर रहा। ऑनलाइन डाटा और जमीनी प्रगति में सामने आए अंतर को दूर करने के भी निर्देश दिए गए। तीनों विकासखंडों की प्रगति पर रहेगी नजर बघौली, पौली और सांथा को आकांक्षात्मक विकासखंड के रूप में योजनाओं के विभिन्न मानकों पर बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार निगरानी में रखा जा रहा है। तीन वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा के बाद संबंधित विभागों के सामने अब निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने और जमीनी स्तर पर सुधार दिखाने की चुनौती है। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और विकास योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
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