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उत्तर प्रदेश: अनोखी शादी जलते अंगारों पर चलकर पूरी हुई आदिवासी परंपरा

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उत्तर प्रदेश  Published by: Anand Kumar , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 29/04/2026 11:10:06 am Share:
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  • Published by.: Anand Kumar ,
  • Edited By.: Kunal,
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  • 29/04/2026 11:10:06 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: छत्तीसगढ़ राज्य के रायगढ़ जिले मे एक ऐसी अनोखी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसमें दूल्हा- दुल्हन ने पारंपरिक सात फेरों के साथ-साथ जलते अंगारों पर चलकर विवाह की रस्में पूरी की।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: छत्तीसगढ़ राज्य के रायगढ़ जिले मे एक ऐसी अनोखी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसमें दूल्हा- दुल्हन ने पारंपरिक सात फेरों के साथ-साथ जलते अंगारों पर चलकर विवाह की रस्में पूरी की। यह परंपरा कोई नई नहीं,बल्कि दशकों से आदिवासी समाज में चली आ रही है, जिसे आज भी पूरी आस्था और विश्वास के साथ निभाया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित बिलासपुर गांव के राठिया परिवार के गंधेलग गोत्र में जब अनोखी परंपरा आज भी जीवित है। शादी के बाद दुल्हन को जब घर लाया जाता है, तो घर की देवी- देवताओं की पूजा- अर्चना के बाद मंडप में जलते अंगारे बिछाए जाते हैं। उसके बाद दूल्हा -दुल्हन के साथ परिवार के सदस्य नंगे पांव इन अंगारों पर चलकर रस्में पूरी करते हैं। परंपरा के अनुसार, मंडप में बकरे की बलि देने के बाद घर के मुखिया पर देवता सवार होने की मान्यता है। इसके बाद वे नाचते-गाते हुए मंडप में अंगारे बिछाते हैं और पूरे अनुष्ठान का नेतृत्व करते है।

 

इस दौरान दूल्हा दुल्हन समेत कई लोग अंगारों पर चलते हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि किसी के पैरों में जलन या चोट नहीं होती। परिवार के सदस्यों का कहना है कि इस परंपरा के दौरान कई लोग उपवास रखते हैं और पानी तक ग्रहण नहीं करते। दुल्हन के घर आने के बाद सबसे पहले एक बकरे की बलि देकर उसको खून से तिलक लगाया जाता है, फिर घर में प्रवेश कराया जाता है। उसके बाद मंडप में दूसरी बलि दी जाती है और फिर अंगारों पर चलने की रस्म पूरी होती है। गांवों के बुजुर्गों के अनुसार, यह परंपरा कई पीढ़ीयों से चली जा रही है। हर शादी में इस रस्म को निभाना अनिवार्य माना जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि अगर यह परंपरा नहीं निभाई गई तो देवी- देवता नाराज हो जाते हैं और परिवार पर विपत्ति आ सकती है। इस अनोखी शादी को देखने के लिए न केवल गांव बल्कि, आसपास के क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। जलते हुए अंगारों पर चलते दूल्हा- दुल्हन का यह दृश्य लोगों के लिए कौतूहल और आस्था का केंद्र बना हुआ है।