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बिहार: NEET-UG में बिहार के आयुष ने हासिल की AIR-4, एम्स दिल्ली में MBBS का सपना हुआ साकार

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बिहार  Published by: Avay Kumar Ranjan , बिहार  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 21/07/2026 11:45:52 am Share:
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  • Published by.: Avay Kumar Ranjan ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
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संक्षेप

बिहार: नवादा जिले के  वारिसलीगंज के होनहार छात्र आयुष भलोटिया ने देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में शानदार सफलता अर्जित करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4 हासिल कर पूरे बिहार को गौरवान्वित कर दिया है।

विस्तार

बिहार: नवादा जिले के  वारिसलीगंज के होनहार छात्र आयुष भलोटिया ने देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में शानदार सफलता अर्जित करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4 हासिल कर पूरे बिहार को गौरवान्वित कर दिया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा घोषित परिणाम में आयुष का नाम शीर्ष रैंकधारियों में शामिल होते ही वारिसलीगंज सहित पूरे नवादा जिले में खुशी और उत्साह का माहौल बन गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की खबर मिलते ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, सांसद विवेक ठाकुर,बिहार सरकार के मंत्री भगवान कुशवाहा, दीपक प्रकाश,केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान सहित कई लोगों ने शोशल मीडिया के माध्यम से तथा परिजनों, रिश्तेदारों, मित्रों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने मिठाइयाँ खिलाकर बधाई देकर इस गौरवपूर्ण क्षण का उत्सव मनाया।आयुष के घर लौटने पर उसे कई लोगों ने उसके सफलता पर बधाई एवं शुभकामनायें दिया।देशभर के लाखों अभ्यर्थियों के बीच आयोजित होने वाली इस कठिन प्रतियोगी परीक्षा में चौथा स्थान प्राप्त करना किसी भी विद्यार्थी के लिए असाधारण उपलब्धि मानी जाती है।

आयुष की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो,मेहनत निरंतर हो और आत्मविश्वास मजबूत हो तो छोटे कस्बों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने समर्पण, अनुशासन और कठिन परिश्रम के बल पर यह मुकाम हासिल किया।इस शानदार सफलता के साथ ही आयुष का देश के सर्वोच्च चिकित्सा संस्थानों में शुमार एम्स (AIIMS), नई दिल्ली में एमबीबीएस की पढ़ाई का सपना भी साकार होने जा रहा है।चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एम्स नई दिल्ली को देश का सर्वश्रेष्ठ संस्थान माना जाता है और यहां प्रवेश प्राप्त करना लाखों विद्यार्थियों का सपना होता है। आयुष अब इसी प्रतिष्ठित संस्थान में अध्ययन कर अपने चिकित्सा जीवन की नई शुरुआत करेंगे। आयुष की उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे वारिसलीगंज, नवादा और बिहार को गर्व का अवसर प्रदान किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सफलता क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए नई प्रेरणा बनेगी। ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आयुष ने यह संदेश दिया है कि सफलता का रास्ता बड़े शहरों से नहीं बल्कि बड़े सपनों, दृढ़ इच्छाशक्ति और सतत मेहनत से होकर गुजरता है।

आयुष की इस ऐतिहासिक सफलता पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न संस्थाओं ने उन्हें और उनके माता-पिता को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। लोगों ने कहा कि आयुष ने अपनी मेहनत से पूरे जिले का सम्मान बढ़ाया है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का नया अध्याय लिखा है। कई शिक्षकों ने इसे वारिसलीगंज के शैक्षणिक इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया।
अपनी सफलता पर आयुष भलोटिया ने विनम्रता से कहा कि यह उपलब्धि उनके माता-पिता के त्याग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित अध्ययन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने समय का बेहतर प्रबंधन किया, प्रत्येक विषय पर समान रूप से ध्यान दिया तथा निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। उन्होंने कहा कि उनका सपना एक कुशल, ईमानदार और संवेदनशील चिकित्सक बनकर समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है।

आयुष के पिता सफल व्यवसाई सुनील कुमार एवं माता किरण देवी ने कहा कि बेटे की सफलता उनके लिए जीवन का सबसे यादगार क्षण है। उन्होंने बताया कि आयुष बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर, अनुशासित और मेहनती रहा है। परिवार ने उसकी पढ़ाई के लिए हर संभव सहयोग किया और आज उसी का परिणाम पूरे देश के सामने है। उन्होंने अन्य अभिभावकों से भी बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालते हुए उन्हें बेहतर वातावरण और सही मार्गदर्शन देने की अपील की। वारिसलीगंज के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने भी आयुष की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। कई विद्यालयों में छात्रों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी साझा की। शिक्षकों ने कहा कि आयुष की उपलब्धि जिले के विद्यार्थियों में नई ऊर्जा का संचार करेगी और उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित कर कठिन परिश्रम करने की प्रेरणा देगी। आयुष का बड़ा भाई आदित्य आईआईटी से पास आउट होकर विदेश में अच्छा पैकेज में नौकरी कर रहा है। आयुष के चाचा दीपक कुमार के पुत्र अनुकल्प भालोटिया भालोटिया एवं पुत्री अनुष्का भालोटिया भी पढ़ने में काफ़ी तेज है। आयुष के सफलता पर दीपक भालोटिया सहित पूरा परिवार में उत्सव का माहौल है। आयुष के दादा पवन भालोटिया भी अपने पोते के सफलता पर काफ़ी खुश है।


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