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मध्य प्रदेश: महा शिवरात्रि पर जालंधर वध कथा में पंडित रामसेवक व्यास ने बताया पतिव्रता पत्नी से ही पतियों की सुरक्षा

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मध्य प्रदेश  Published by: Ajay Singh Tomar , Date: 19/02/2026 04:30:38 pm Share:
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  • 19/02/2026 04:30:38 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: ग्राम नागेला का पुरा में महा शिव रात्रि के पावन पर्व पर समस्त ग्राम वासियों के सहयोग सेभगवान शिव की परिवार सहित प्राण प्रतिष्ठा कराई गई थी उसी दिन से महा शिव पुराण कथा का वाचन शुरू हुआ था

विस्तार

मध्य प्रदेश: ग्राम नागेला का पुरा में महा शिव रात्रि के पावन पर्व पर समस्त ग्राम वासियों के सहयोग सेभगवान शिव की परिवार सहित प्राण प्रतिष्ठा कराई गई थी उसी दिन से महा शिव पुराण कथा का वाचन शुरू हुआ था जिसके चलते पंडित रामसेवक व्यास जी सिहोनिया वाले जालंधर वध का बर्डन करते हुए बताया कि जब भगवान भोलेनाथ देवराज इंद्र के घर मिलने पहुंचे तब इंद्र के अनादर से क्रुद्ध होकर भगवान भोलेनाथ कुछ करते उससे पहले भगवान बृहस्पति ने उनको पहचान लिया और क्षमा याचना करने लगे तब भगवान भोलेनाथ ने कहा बृहस्पति जी अब मैं इस क्रोधाग्नि का क्या करूं मन तो करता है कि देवराज इंद्र को अभी समाप्त कर दूं तब भगवान बृहस्पति के अनुरोध पर उनके कहे अनुसार भगवान भोलेनाथ ने अपनी क्रोधाग्नि को समंदर में फेंक दिया जिससे दैत्यराज जालंधर का जन्म हुआ जब दैत्यराज जालंधर का आतंक हद से ज्यादा बढ़ गया तब महर्षि नारद जी ने उसका वध कराने की सोची इस हेतु नारद जी भगवान विष्णु जी के पास पहुंचे तो भगवान विष्णु जी ने वध करने से मना कर दिया क्योंकि दैत्यराज जालंधर रिश्ते में

 उनके साले लगते थे क्योंकि समंदर मंथन से ही तो लक्ष्मी जी का प्राकट्य हुआ था लक्ष्मी जी और जालंधर दोनों के पिता समंदर ही हैं इसके बाद महर्षि नारद जी जब बाबा भोलेनाथ के पास पहुंचे तब भगवान भोलेनाथ ने कहा कि दैत्यराज जालंधर की पत्नी पतिव्रता है जब तक उसकी पत्नी वृंदा जो कालनेमी की पुत्री है का परिवृत धर्म नष्ट नहीं होगा तब तक जालंधर का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता इसके बाद जब महर्षि नारद जी ने जालंधर को माता पार्वती की तरफ आकर्षित कराया तब उसकी पत्नी वृंदा का पतिव्रत धर्म नष्ट हुआ इसके बाद दैत्यराज जालंधर का वध हो पाया इस महा शिव पुराण कथा के परीक्षित श्री द्वारिका सिंह तोमर एवं श्री मती बेबी तोमर है तथा आयोजक समस्त ग्राम वासी है।