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Trending News: पश्चिम एशिया संकट के बीच अर्जेंटीना बना भारत का सहारा, LPG सप्लाई दोगुनी

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पश्चिमी एशिया  Published by: Kunal Tewatia, Date: 24/03/2026 04:24:23 pm Share:
  • पश्चिमी एशिया
  • Published by: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 24/03/2026 04:24:23 pm
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संक्षेप

पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, लेकिन भारत के लिए राहत की बात यह है कि रसोई गैस (एलपीजी) की सप्लाई पर फिलहाल कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है।

विस्तार

पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, लेकिन भारत के लिए राहत की बात यह है कि रसोई गैस (एलपीजी) की सप्लाई पर फिलहाल कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। इस चुनौतीपूर्ण समय में अर्जेंटीना भारत के लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में सामने आया है। वर्ष 2026 की पहली तिमाही में ही अर्जेंटीना ने भारत को एलपीजी की आपूर्ति दोगुनी करते हुए लगभग 50,000 टन गैस भेजी है, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक संकेत है। भारत विश्व के सबसे बड़े एलपीजी उपभोक्ता देशों में से एक है, जहां करोड़ों घरों में खाना पकाने के लिए रसोई गैस का उपयोग किया जाता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी तरह की आपूर्ति बाधित होने से आम नागरिकों के जीवन पर सीधा असर पड़ सकता है। विशेष रूप से पश्चिमी एशिया, जो ऊर्जा संसाधनों का प्रमुख केंद्र है, वहां की अस्थिरता ने पूरी दुनिया को चिंतित कर दिया है। हालांकि, भारत ने समय रहते वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर अपनी ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

अर्जेंटीना द्वारा एलपीजी की आपूर्ति में बढ़ोतरी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। अर्जेंटीना के पास प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार हैं और वह वैश्विक ऊर्जा बाजार में अपनी भूमिका को विस्तार देने की दिशा में सक्रिय है। भारत जैसे बड़े उपभोक्ता देश के साथ उसकी साझेदारी दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की ऊर्जा नीति अब अधिक विविधतापूर्ण और लचीली हो रही है। पहले जहां भारत मुख्य रूप से कुछ चुनिंदा क्षेत्रों पर निर्भर था, वहीं अब वह अलग-अलग देशों से ऊर्जा आयात कर जोखिम को कम करने की रणनीति अपना रहा है। इससे किसी एक क्षेत्र में संकट आने पर आपूर्ति पर बड़ा असर नहीं पड़ता। सरकार भी लगातार यह सुनिश्चित करने में लगी है कि देश में एलपीजी की उपलब्धता बनी रहे और कीमतों पर अनावश्यक दबाव न पड़े। सार्वजनिक वितरण प्रणाली और उज्ज्वला योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों तक गैस सिलेंडर की पहुंच बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


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